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पड़ोसी देशों के सिर से मिसाइल गुजारने वाले इस कोरिया का ‘उत्तर’ अमेरिका के पास भी नहीं

मिसाइल का खौफ इतना था कि जब ये जापान के ऊपर से गुजर रही थी तो लोग छिपने के लिए जहां-तहां भागने लगे

Kinshuk Praval Kinshuk Praval Updated On: Aug 30, 2017 09:44 AM IST

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पड़ोसी देशों के सिर से मिसाइल गुजारने वाले इस कोरिया का ‘उत्तर’ अमेरिका के पास भी नहीं

इस वक्त दुनिया के सामने सबसे बड़ा सवाल ये है कि उत्तर कोरिया का जवाब क्या है? अमेरिका के बार-बार धमकाने के बावजूद उत्तर कोरिया परमाणु हथियार ले जाने वाली मिसाइल का परीक्षण करता जा रहा है.

इस बार उत्तर कोरिया की मिसाइल जापान को ऊपर से ललकारते हुए गुजरी. मिसाइल का खौफ इतना था कि जब ये जापान के ऊपर से गुजर रही थी तो लोग छिपने के लिए भागने लगे. ये उत्तर कोरिया की बैलिस्टिक मिसाइल थी जो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है. इस मिसाइल परीक्षण को जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने गंभीर घटना बताया है.

Vandenberg Air Force Base: An rocket designed to intercept an intercontinental ballistic missiles is launched from Vandenberg Air Force Base in Calif. on Tuesday, May 30, 2017. The Pentagon says it has shot down a mock warhead over the Pacific in a success for America's missile defense program. The test was the first of its kind in nearly three years. And it was the first test ever targeting an intercontinental-range missile like North Korea is developing. AP/PTI(AP5_31_2017_000009B)

उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग के पास से दागी गई ये मिसाइल करीब 550 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंची और इसने 2700 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय की. तकरीबन 8 साल के बाद पहली बार उत्तर कोरिया की कोई मिसाइल जापान के ऊपर से गरजते हुए गुजरी. मिसाइल को देखकर सायरन बजाकर लोगों को सावधान करना पड़ा और सुरक्षित बेसमेंट में जाने के लिए कहा गया.

लेकिन ये दहशत सिर्फ जापान या दक्षिण कोरिया के लिए नहीं है बल्कि अमेरिका के लिये भी अलार्म है. उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग का ‘मिसाइल-रोमांस’ अमेरिका के लिए भी बड़ा सिरदर्द बन चुका है. तानाशाह किम जोंग बार-बार अमेरिकी शहरों को खाक में मिला देने और आग के शोले में तब्दील करने जैसे भड़काऊ बयान दे चुका है.

डोनाल्ड ट्रंप की धमकी बेअसर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस बार मिसाइल को लेकर बारूद के शोले से भड़क उठे. डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया को सुधरने की चेतावनी देते हुए कहा है कि उनके पास दूसरे विकल्प तैयार हैं यानी अमेरिका और उसके सहयोगी देश युद्ध नीति पर आगे बढ़ सकते हैं.

दरअसल, दोनों देशों के बीच तनाव तब चरम पर पहुंच गया था जब किम जोंग ने अमेरिकी द्वीप गुआम पर मिसाइल से हमला करने की धमकी दी थी. जिसके बाद गुस्साए ट्रंप ने कहा था कि अगर उत्तरी कोरिया ने ऐसी गलती की तो अमेरिका आसमान से इतनी आग बरसाएगा जिसे पूरी दुनिया देखेगी.

Kim Jong Yun

लेकिन किम जोंग पर अमेरिकी धमकियों का कोई असर नहीं पड़ रहा है. रक्षा विशेषज्ञ पिछले तीन दशक में अब तक का सबसे गंभीर और भड़काऊ बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण बता रहे हैं. उत्तर कोरिया अपने मिसाइल कार्यक्रमों में जिस तेजी से काम कर रहा है उससे ये शक गहरा रहा है कि उसकी मिसाइलें तीन साल में अमेरिकी शहरों को अपनी जद में ले सकेंगी.

ये भी पढ़ें: जापान के ऊपर से निकली नॉर्थ कोरिया की दागी मिसाइल, इलाके में हलचल

 

उत्तर कोरिया ने इस बार अपनी सबसे एडवांस्ड ह्वासॉन्ग-12 मिसाइल का दुनिया के सामने नजारा पेश किया है  जो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है. जबकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उत्तर कोरिया पर परमाणु हथियार और उसे ले जाने वाली मिसाइल को विकसित करने पर प्रतिबंध लग चुका है. लेकिन तमाम प्रतिबंधों और धमकियों की परवाह न करते हुए उत्तर कोरिया मिसाइलें दागने में जुटा हुआ है.

मिसाइल ही नहीं अब नार्थ कोरिया करेगा परमाणु परीक्षण

उत्तर कोरिया सिर्फ बैलिस्टिक मिसाइल के परीक्षण तक ही नहीं रुका है. दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसियों का मानना है कि सितबंर के पहले सप्ताह में किम जोंग एक और परमाणु परीक्षण करवा सकता है.

नया परमाणु परीक्षण कोरियाई प्रायद्वीप में बढ़ते तनाव के बीच आग में घी का काम कर सकता है. उत्तर कोरिया की ये गलती अमेरिका समेत दूसरे देशों को सैन्य कार्रवाई का मौका दे सकती है. फ्रांस समेत यूरोपीय यूनियन उत्तर कोरिया के खिलाफ कड़े कदम उठाने की बात कर रहे है.

अगर कोरियाई प्रायद्वीप पर युद्ध भड़का तो उसका अंत परमाणु युद्ध के साथ ही होगा. तकरीबन साठ साल बाद उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच तनाव किसी भी वक्त महायुद्ध में तब्दील हो सकता है. अमेरिका बार-बार विश्व समुदाय को उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण से दुनिया के लिए बढ़ते खतरे को आगाह कर लामबंद करने की कोशिश कर रहा है ताकि उत्तर कोरिया पर हमले को लेकर दुनिया दो हिस्सों में न बंटे.

हालांकि चीन और रूस भी उत्तर कोरिया पर लगे संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों का समर्थन कर रहे हैं. लेकिन दुनिया ये जानती है कि बिना चीन की मदद के उत्तर कोरिया परमाणु परीक्षण नहीं कर सकता था. बहरहाल दुनिया की परमाणु संपन्न शक्तियों की नजर इस वक्त कोरियाई प्रायद्वीप पर लगी हुई है.

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युद्ध छिड़ा तो आ सकता है जलजला

कोरियाई प्रायद्वीप पर 1950 में छिड़े युद्ध का इतिहास आज भी दक्षिण कोरिया के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम करता है. उत्तर कोरिया ने सियोल पर कब्जा कर लिया था जिसे दक्षिण कोरिया ने अमेरिकी मदद से छुड़ाया था. अब अगर दोनों देशों के बीच जंग छिड़ती है तो पिछले युद्ध की तरह करोड़ों लोग प्रभावित होंगे.

उत्तर कोरिया के पास दुनिया की चौथी सबसे बड़ी सेना है. माना जा रहा है कि उसके पास साठ लाख सैनिक हैं. अगर जंग छिड़ती है तो उत्तर कोरिया शुरुआती एक घंटे में हजारों मिसाइलें दाग कर सियोल को खाक में मिला सकता है. वहीं उसके पास इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें हैं, अमेरिकी शहरों को भी निशाना बना सकती है.

ऐसे में युद्ध की भयावहता का अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता. दुनिया के लिए तीसरे विश्वयुद्ध का खतरा तब पैदा जाएगा जब चीन और रूस भी इस युद्ध में उतर जाएंगे. ऐसे में उत्तर कोरिया को रोकना बेहद जरूरी है लेकिन कैसे रोका जाए? इसका उत्तर फिलहाल किसी के पास नहीं है.

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