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मिसाइल दाग कर उत्तर कोरिया ने फिर ललकारा, अमेरिका के पास नहीं ‘रॉकेटमैन’ का कोई ‘उत्तर’  

डोनाल्ड ट्रंप ने बहुत सोच समझ कर ही सनकी तानाशाह किम जोंग को सुसाइड मिशन पर निकला हुआ 'रॉकेट मैन' कहा है

Kinshuk Praval Kinshuk Praval Updated On: Nov 29, 2017 06:23 PM IST

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मिसाइल दाग कर उत्तर कोरिया ने फिर ललकारा, अमेरिका के पास नहीं ‘रॉकेटमैन’ का कोई ‘उत्तर’  

उत्तर कोरिया की बैलिस्टिक मिसाइल गरजती तो है कोरियाई प्रायद्वीप में लेकिन दहल उठती है पूरी दुनिया. तकरीबन दो महीने की खामोशी के बाद अचानक उत्तर कोरिया ने करवट ली और अब तक की सबसे खतरनाक मिसाइल दाग कर खुद के परमाणु संपन्न राष्ट्र होने का धमाका भी कर दिया. उत्तर कोरिया की ज़मीन से ह्वासॉन्ग-15 मिसाइल जापान के समुद्र में दागी गई. इसकी उड़ान और रफ्तार को देखकर अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि ये बैलिस्टिक मिसाइल अमेरिकी शहरों को निशाना बना सकती है. खुद उत्तर कोरिया ने दावा किया कि अब अमेरिका के शहर उसकी मिसाइलों की ज़द में हैं.

उत्तर कोरिया के दावों के अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस के बयान से आधार भी मिलता है. मैटिस ने उत्तर कोरिया के इस मिसाइल टेस्ट को दुनिया के लिए बड़ा खतरा बताया है. जाहिर तौर पर उनका इशारा मिसाइल की दूरी, मारक और परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता पर था जिसकी अमेरिका तक पहुंच का उत्तर कोरिया दावा कर रहा है.

उत्तर कोरिया के स्टेट टीवी ने तानाशाह किम जोंग का बयान जारी किया. किम जोंग ने बैलिस्टिक मिसाइल के टेस्ट को उत्तर कोरिया के लिए ऐतिहासिक दिन बताया.

North Korean leader Kim Jong Un guides the launch of a Hwasong-12 missile in this undated photo released by North Korea's Korean Central News Agency (KCNA) on September 16, 2017. KCNA via REUTERS ATTENTION EDITORS - THIS PICTURE WAS PROVIDED BY A THIRD PARTY. REUTERS IS UNABLE TO INDEPENDENTLY VERIFY THIS IMAGE. NO THIRD PARTY SALES. SOUTH KOREA OUT. - RC15DD9B8C40

इससे पहले ह्वासॉन्ग-12 मिसाइल को जापान के ऊपर से दाग कर उत्तर कोरिया ने अफरातफरी मचा दी थी और अब बैलिस्टिक मिसाइल के परीक्षण के बाद अमेरिकी शहरों तक उत्तर कोरिया की दहशत फैल है.

मिसाइल दागना वर्ल्ड वॉर की आहाट तो नहीं?

लेकिन इस बार उत्तर कोरिया की मिसाइल दागने की टाइमिंग से तीसरे वर्ल्ड वॉर की आशंका ज़रूर गहरा जाती है.

संयुक्त राष्ट्र के कड़े प्रतिबंधों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई तीखी ज़ुबानी जंग के बाद उत्तर कोरिया का मिसाइल टेस्ट अमेरिका को कार्रवाई के लिए उकसावे से कम नहीं. ये मिसाइल टेस्ट सीधे तौर पर अमेरिका के लिए युद्ध की ललकार है.

सिर्फ इसी साल किम जोंग ने इतने मिसाइल परीक्षण करवाए

सिर्फ इसी साल किम जोंग ने इतने मिसाइल परीक्षण करवाए

लेकिन युद्ध से पहले छिड़े मनोवैज्ञानिक युद्ध में अमेरिका की ये बड़ी हार है.  जब कभी उत्तर कोरिया पर अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र दबाव बढ़ाते हैं तो वो झुकने के बजाए ऐसी ही उत्तेजक प्रतिक्रिया करता है. इससे पहले उसने  हाइड्रोजन बम का परीक्षण किया तो उसके बाद लगातार दो बार जापान के सिर के ऊपर से बैलिस्टिक मिसाइल दाग कर जापान में कोहराम मचा दिया था.

अब देखना ये होगा कि अमेरिका इस टेस्ट के बाद क्या कार्रवाई करता है. ट्रंप आवेग में धमकी दे ही चुके हैं कि वो उत्तर कोरिया पर इतनी आग बरसाएंगे कि दुनिया देखती रह जाएगी. अमेरिका कभी भी ये नहीं चाहेगा कि जिस देश के सनकी तानाशाह को वो सुसाइड मिशन पर चलने वाला रॉकेट मैन मानता हो, उसके पास अमेरिकी शहरों में तबाही बरसाने वाली मिसाइलें रहें.

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लेकिन उत्तर कोरिया ने अमेरिका की उन सारी कोशिशों को सिफर साबित कर दिया जिनके जरिए अमेरिका साल 1985 से ही लगातार उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रमों को रोकने में जुटा हुआ था. उन कोशिशों के बावजूद नतीजा ये निकला कि उत्तर कोरिया ने न सिर्फ छह परमाणु परीक्षण कर डाले बल्कि अब उसके पास दुनिया के किसी भी कोने में परमाणु हमला करने वाली मिसाइलें भी बना डालीं.

उत्तर कोरिया के डिप्टी एंबैसेडर किम इन रेयोंग ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की निशस्त्रीकरण समिति के सामने कहा था कि ‘1970 के बाद ऐसा हुआ है जब दुनिया में उत्तर कोरिया ही इकलौता ऐसा देश है जिसे अमेरिका खुलेआम परमाणु हमले की धमकी दे रहा है. ऐसे में अपनी आत्मरक्षा के लिए उत्तर कोरिया को परमाणु हथियार रखने का पूरा अधिकार है’.

उत्तर कोरिया द्वारा साल-दर-साल किए गए मिसाइल परीक्षणों पर गौर कीजिए

उत्तर कोरिया द्वारा साल-दर-साल किए गए मिसाइल परीक्षणों पर गौर कीजिए

भले ही दुनिया के तमाम रक्षा विशेषज्ञ ये दलील दें कि उत्तर कोरिया ने अपने वजूद को बचाने के लिए खुद को परमाणु हथियारों का सुरक्षा कवच दिया है लेकिन दुनिया के सामने ये दलीलें अब सिर्फ दहशत पैदा करने का काम कर रही हैं.

धमकियों से बेपरवाह किम जोंग छोड़ रहा है मिसाइल पर मिसाइल

इसकी बड़ी वजह तीसरे विश्वयुद्ध का संभावित खतरा है. विश्वयुद्ध के बाद परमाणु हमलों से तबाह होती धरती की तस्वीर की आज कोई भी कल्पना नहीं कर सकता है. हिरोशिमा और नागासाकी तो बस एक छोटा सा ट्रेलर थे. अगर कोरियाई प्रायद्वीप पर युद्ध छिड़ा तो उससे दुनिया का कोई भी हिस्सा अछूता नहीं रह सकता. आज न सिर्फ अमेरिका बल्कि उत्तर कोरिया के पास भी एक बड़े शहर का नामानिशान मिटा देने वाले बम मौजूद हैं.

North Korean leader Kim Jong Un (not pictured) guides the launch of a Hwasong-12 missile in this undated combination photo released by North Korea's Korean Central News Agency (KCNA) on September 16, 2017. KCNA via REUTERS ATTENTION EDITORS - THIS PICTURE WAS PROVIDED BY A THIRD PARTY. REUTERS IS UNABLE TO INDEPENDENTLY VERIFY THIS IMAGE. NO THIRD PARTY SALES. SOUTH KOREA OUT. - RC1198BF22D0

एक बार फिर उत्तर कोरिया के मिसाइल टेस्ट ने साबित कर दिया है कि उस पर अमेरिकी धमकियों का असर न कभी पड़ा है और न ही पड़ेगा. ट्रंप ने बहुत सोच समझ कर ही सनकी तानाशाह को सुसाइड मिशन पर निकला हुआ रॉकेट मैन कहा है. किम जोंग के मिज़ाज से दुनिया पर तबाही का सबसे बड़ा खतरा मंडरा रहा है.

उत्तर कोरिया ने हाल ही में धमकी दी थी ‘पूरा अमेरिका हमारी जद में है. अगर अमेरिका ने हमारे देश में एक इंच आने की भी जुर्रत की तो इसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगे’. ज़ाहिर तौर पर हमले की आशंका के चलते उत्तर कोरिया अपने एटॉमिक, हाइड्रोजन बमों और इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों से अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान पर जबर्दस्त पलटवार करेगा.

लेकिन बड़ा सवाल अब अमेरिका ही नहीं बल्कि दुनिया के सामने भी है कि वो करें तो क्या करें? उत्तर कोरिया पर हमले का मतलब पूरी दुनिया को परमाणु युद्ध में झोंकना होगा और एक बार ऐसा हुआ तो करोड़ों लोगों की मौत सिर्फ परमाणु विकिरण से ही हो जाएगी. ऐसे में अब सोचने वाली बात ये है कि फिलहाल उत्तर कोरिया का उत्तर किसी के पास नहीं है.

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