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जापान के ऊपर से निकली नॉर्थ कोरिया की दागी मिसाइल, इलाके में हलचल

1998 के बाद ऐसा पहली बार है जब उत्‍तर कोरिया ने जापान के ऊपर से मिसाइल छोड़ी है हालांकि उत्‍तर कोरिया ने इस साल फरवरी के बाद 14वीं बार मिसाइल का परीक्षण किया है.

Bhasha Updated On: Aug 29, 2017 01:02 PM IST

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जापान के ऊपर से निकली नॉर्थ कोरिया की दागी मिसाइल, इलाके में हलचल

उत्तर कोरिया ने अपनी राजधानी प्योंगयांग से एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी जो जापान के ऊपर से गई और फिर उत्तरी प्रशांत महासागर में गिरी.

अधिकारियों ने मंगलवार को इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि आक्रामक परीक्षण में अमेरिका के करीबी सहयोगी जापान के ऊपर से मिसाइल का जाना है ये स्पष्ट मैसेज देता है कि नॉर्थ कोरिया वॉर गेम में पीछे नहीं हटेगा.

सोल के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने कहा कि ये मिसाइल 550 किमी की अधिकतम ऊंचाई पर उड़ी और करीब 2,700 किमी का रास्ता तय किया. इस दौरान यह उत्तरी जापान के होक्काइदो द्वीप के ऊपर से गुजरी.

ऐसा माना जाता है कि जापान के ऊपर से उत्तर कोरिया की यह पहली मिसाइल निकली है. हालांकि जापान का कहना है कि कुछ रॉकेटों का उपयोग उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजने के लिए किया गया और ये रॉकेट जापान से हो कर गुजरे. ऐसा भी लगता है कि उत्तर कोरिया का यह सबसे बड़ा मिसाइल परीक्षण है लेकिन दक्षिण कोरियाई अधिकारी इसकी पुष्टि नहीं कर सके.

उत्तर कोरिया का हर एक नया परीक्षण उत्तर कोरिया को परमाणु संपन्न मिसाइलों के हथियार हासिल करने के टारगेट के करीब लाता है. अमेरिका, नॉर्थ कोरिया के परमाणु कार्यक्रम का विरोधी है.

कुछ विश्लेषकों का मानना है कि वर्ष 2021 के शुरू में जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पहला कार्यक्रम समाप्त होगा, उससे पहले ही उत्तर कोरिया लंबी दूरी की परमाणु मिसाइलें तैयार कर लेगा.

विश्लेषकों का अनुमान है कि उत्तर कोरिया ने शायद नई, मध्यम दूरी की मिसाइल का परीक्षण किया है जिसे प्योंगयांग ने हाल ही में अमेरिकी इलाके गुआम में दागने की धमकी दी थी. गुआम में अमेरिका का एक बड़ा सैन्य अड्डा है.

यह मिसाइल गुआम के आसपास नहीं गिरी लेकिन मिसाइल की दूरी के जरिए उत्तर कोरिया शायद यह बताना चाहता था कि वह अपनी धमकी को सच कर सकता है.

सोल का कहना है कि मिसाइल का प्रक्षेपण सुनान से किया गया था. सुनान में प्योंगयांग का अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा है. इससे संभावना उठती है कि उत्तर कोरिया ने हवाईअड्डे की हवाईपट्टी से ‘‘रोड मोबाइल मिसाइल’’ का प्रक्षेपण किया.

सोल के जेसीएस (जाइंट चीफ्स आफ स्टाफ) के प्रवक्ता रो जे क्यों के अनुसार, इस साल यह उत्तर कोरिया का 13वां बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण है और पहली बार उत्तर कोरिया ने सुनान से बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी.

इसमें कोई दो राय नहीं है कि उत्तर कोरिया विश्व समुदाय की प्रतिक्रिया देख कर यह सोचेगा कि आज जिस तरह उसकी मिसाइल जापान के ऊपर से गई, क्या वह भविष्य में भी ऐसा कर सकता है.

जापान के अधिकारियों ने कहा कि जहाजों और कहीं भी किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है. जापान के एनएचके टीवी ने बताया कि मिसाइल तीन हिस्सों में अलग हो गई.

जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने संवाददाताओ से कहा ‘‘हम अपने नागिरकों की रक्षा के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे. हमारे देश के ऊपर से मिसाइल के गुजरने की ये उकसावे की कार्रवाई गंभीर और महत्वपूर्ण खतरा है.’’

इससे पहले उत्तर कोरिया ने संक्षिप्त दूरी की तीन बैलिस्टिक मिसाइलों का समुद्र में प्रक्षेपण किया था. फिर उसने एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का दूसरा प्रायोगिक परीक्षण किया था.

दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने आगाह किया है कि उत्तर कोरिया की उकसावे वाली कार्रवाई जारी रहने पर उसे अमेरिका...दक्षिण कोरिया गठजोड़ की ओर से ‘‘कड़ी प्रतिक्रिया’’ का सामना करना होगा.

इसके अलावा दक्षिण कोरिया की सेना ने पिछले सप्ताह किए गए अपने मिसाइल परीक्षणों के फुटेज जारी किए हैं और कहा है कि ये परीक्षण पिछले सप्ताह भी किए गए.

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