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नोबेल पुरस्कार पर #MeToo कैंपेन का साया, इस साल नहीं दिया जाएगा साहित्य का नोबेल

पिछले साल नवंबर में ‘मी टू’ अभियान के जरिए 18 महिलाओं ने अरनॉल्ट पर यौन हमला व उत्पीड़न के आरोप लगाए थे. हालांकि अरनॉल्ट सभी आरोपों से इनकार कर रहे हैं

Updated On: Sep 30, 2018 04:38 PM IST

Bhasha

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नोबेल पुरस्कार पर #MeToo कैंपेन का साया, इस साल नहीं दिया जाएगा साहित्य का नोबेल

स्वीडिश एकेडमी ने इस साल साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार नहीं देने का फैसला किया. नोबेल पुरस्कार के 117 साल के इतिहास में ये दूसरा मौका है जब इस पुरस्कार को टाल दिया गया है. इससे पहले 1943 में द्वितीय विश्व युद्ध के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था.
दरअसल नोबेल पुरस्कार प्रदान करने वाली संस्था एक सेक्स स्कैंडल में फंस गई है. विजेता का चुनाव करने वाली स्वीडिश एकेडमी की ज्यूरी मेंबर कटरीना के पति और फ्रांसीसी फोटोग्राफर जेन क्लोड अरनॉल्ट पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं. इसलिए ही इस साल साहित्य के नोबेल को टाल दिया गया है. क्योंकि एकेडमी के कुछ सदस्य पुरस्कार प्रदान करने को लेकर चिंतित हैं और उनका कहना है कि इसके लिए स्थिति अनुकूल नहीं है.
#MeToo कैंपेन का असर:
ऑर्नट जाने माने फोटोग्राफर हैं. और 2017 के #MeToo कैंपेन के बाद सुर्खियों में छाए थे. 18 युवतियों ने ऑर्नट पर यौन शोषण का आरोप लगाया था जिसके बाद स्वीडिश एकेडमी ने ऑर्नट से सारे आर्थिक संबंध खत्म कर लिए थे. स्वीडिश मीडिया के अनुसार 2006 में ऑर्नट ने स्वीडिश क्राउन प्रिंसेस विक्टोरिया को गलत ढंग से पकड़ा था. इसके साथ ही ऑर्नट की पत्नी कैटरीन पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे.
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पिछले साल नवंबर में ‘मी टू’ अभियान के जरिए 18 महिलाओं ने अरनॉल्ट पर यौन हमला व उत्पीड़न के आरोप लगाए थे. हालांकि अरनॉल्ट सभी आरोपों से इनकार कर रहे हैं.
इसके पहले 2016 में अमेरिकी रॉक स्टार बॉब डिलन का नाम शामिल होने के बाद विवाद शुरु हुआ था. लोगों का कहना था कि एकाडमी ने अन्य लोकप्रिय और समीक्षकों द्वारा सराही गए लेखकों को नजरंदाज किया गया.

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