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भारत की बात, सबके साथ: पढ़िए पीएम मोदी की 10 बड़ी बातें

पीएम मोदी ने कहा कि रॉयल पैलेस में आज बैठा आदमी सवा सौ करोड़ लोगों का एक सेवक है. ये भारत के लोकतंत्र की ताकत है

FP Staff Updated On: Apr 19, 2018 12:05 AM IST

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भारत की बात, सबके साथ: पढ़िए पीएम मोदी की 10 बड़ी बातें

पीएम मोदी ब्रिटेन के दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने भारतीय समुदाय के 2,000 लोगों को संबोधित किया और उन लोगों के भारत से जुड़े सवालों के जवाब भी दिया.

ये रहीं पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें

-रेलवे से रॉयल पैलेस की तुकबंदी बड़ी सरल है, जिंदगी का रास्ता बड़ा कठिन होता है. रॉयल पैलेस में आज बैठा आदमी सवा सौ करोड़ लोगों का एक सेवक है. ये भारत के लोकतंत्र की ताकत है. जनता अगर फैसला कर ले तो चाय बेचने वाला भी उनका प्रतिनिधि बनकर रॉयल पैलेस आ जाता है. जहां मैं नहीं, तू ही तू है, जहां द्वय नहीं है वहां द्वंद नहीं है. इसलिए अगर मैं अपने भीतर के नरेंद्र मोदी को लेकर जाता हूं तो वो देश के लिए अन्याय होता है.

-जिस पल संतोष का भाव पैदा हो जाता है तो ज़िंदगी कभी आगे नहीं बढ़ती. हर आयु, युग और अवस्था में कुछ न कुछ नया करने का मकसद गति देता है. अगर कोई कहता है कि बेसब्री बुरी चीज़ है तो वो बूढ़ा हो सकता है. आज सवा सौ करोड़ देशवासियों के दिल में इच्छाएं हैं. हमें खुशी है कि हमने ऐसा माहौल बनाया कि लोग अपेक्षा करते हैं. बेसब्री देश के लोगों के दिल में प्रगति के बीज बोते हैं. मैं बेसब्री को बुरा नहीं मानता हूं. मैं मानता हूं जिस दिन मेरी बेसब्री खत्म हो जाएगी उस दिन मेरी मुश्किल बढ़ जाएगी.

-आज से 15-20 साल पहले लोग अपेक्षा करते थे कि अकाल पड़ जाए ताकि मिट्टी डालकर सड़क बनाने का काम मिल जाए. कुछ लोगों को लगता है कि छोड़ो कुछ होने वाला नहीं है. मैं दूसरे प्रकार का इंसान हूं. मैं गिलास देखकर बताता हूं आधा पानी से भरा है, आधा हवा से भरा है. अगर आपके पास स्पष्ट नीति और नेक इरादे हों. तो आप सर्वजन हिताय का काम कर सकते हैं.

-महात्मा गांधी ने आजादी के संघर्ष की पूरी भावना को एक किया. महात्मा गांधी ने आजादी को जनआंदोलन में बदल दिया. विकास भी जनआंदोलन बन जाना चाहिए. आजादी के बाद एक माहौल बन गया कि विकास का काम सरकार करेगी. लोकतंत्र 5 साल के लिए दिया गया लेबर कॉन्ट्रैक्ट नहीं भागीदारी का काम है. अब तक 40 लाख सीनियर सिटिज़न, जो एसी में सफर करते हैं, वो पूरी टिकट लेकर जाते हैं. देश के लिए जीने मरने वालों की कमी नहीं. हमारा काम है कि उन्हें साथ जोड़ें.

-भारत ने कभी किसी की भी जमीन हड़पने का प्रयास नहीं किया. प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध में 1.5 लाख भारतीय सिपाहियों ने शहादत दी थी. जबकि हमारी कोई लड़ाई नहीं थी.

-हिंदुस्तान को देश पर नजर उठाने वालों को उनकी भाषा में जवाब देना जानता है. भारतीय सेना का अधिकार था न्याय प्राप्त करना और सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए हमने किया.

-पीएम मोदी ने कहा कि मैं ये नहीं कहूंगा कि आजादी के 70 सालों तक किसी सरकार ने कोई काम नहीं किया, मैं यह मानता हूं कि देश के विकास में सभी सरकारों का कुछ न कुछ योगदान रहा है. लेकिन फिर भी विकास का लाभ देश के आखिरी व्यक्ति तक क्यों नहीं पहुंच रहा है. महात्मा गांधी का यह सपना था कि देश के विकास का लाभ देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. मेरे दिमाग में ये बात बैठ गई है.

-रेप की घटनाओं पर पीएम मोदी ने कहा कि बेटियों से सब पूछते हैं कि कहां गई थी लेकिन बेटों से कभी पूछा है कि कहां गए थे.

-मुझे किताब पढ़कर गरीबी नहीं सीखनी पड़ी. मैंने लाल किले से घोषणा की 1000 दिनों में 18,000 गांव में बिजली पहुंचाऊंगा. हमने ये काम करीब-करीब पूरा कर लिया है. पहले मैंने बीड़ा उठाया कि हर गांव में बिजली पहुंचाऊंगा, अब बीड़ा उठाऊंगा कि हर गांव में बिजली पहुंचे. मैं गरीबो के साथ एक फौज तैयार करना चाहता हूं जो गरीबी से लड़े. तभी गरीबी मिटेगी. गरीबी हटाओ के नारे से नहीं हटेगी.

-मैं गलतियां कर सकता हूं मगर इरादे से गलत कभी नहीं करूंगा. मैंने कभी लिखा था कि जो लोग मुझपर पत्थर फेंकते हैं मैं उनसे पथ बना लेता हूं.

 

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