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मुहाजिर समूह ने यूएन से की पाक पर बैन लगाने की अपील

वर्ष 1947 में भारत छोड़कर पाकिस्तान आने वाले उर्दूभाषी प्रवासियों के लिए ‘मुहाजिर’ शब्द का इस्तेमाल किया जाता है

Bhasha Updated On: Dec 29, 2017 05:04 PM IST

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मुहाजिर समूह ने यूएन से की पाक पर बैन लगाने की अपील

अमेरिका स्थित एक पैरोकार समूह ने संयुक्त राष्ट्र से अनुरोध किया है कि जब तक पाकिस्तान अपने जातीय और धार्मिक अल्पसंख्यकों विशेषकर मुहाजिरों और बलूचों की शिकायतों का समाधान नहीं करता तब तक उसके ऊपर ‘आर्थिक और सैन्य प्रतिबंध’ लगाए जाएं.

मुहाजिरों के अधिकारों की मांग करने वाली वर्ल्ड मुहाजिर कांग्रेस (डब्ल्यूएमसी) ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटारेस को लिखे पत्र में यह अनुरोध किया कि 27 दिसंबर, 2007 को पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के बाद कराची और सिंध प्रांत के अन्य इलाकों में कथित जघन्य हत्याओं के संदर्भ में विश्व संस्था जांच करे.

वर्ष 1947 में भारत छोड़कर पाकिस्तान आने वाले उर्दूभाषी प्रवासियों के लिए ‘मुहाजिर’ शब्द का इस्तेमाल किया जाता है. इनका बड़ा तबका सिंध प्रांत में बसा हुआ है.

बेनजीर भुट्टो की हत्या पाकिस्तान के पंजाब में हुई थी और उनका जनाधार पारंपरिक रूप से सिंध प्रांत के ग्रामीण इलाकों में रहा है.

27 दिसंबर को लिखे पत्र में समूह ने कहा, ‘यह अब तक रहस्य बना हुआ है कि उनकी हत्या किसने की लेकिन जो बात पूरी तरह साफ है वह यह कि कराची और इसके लोगों का इस अपराध से कोई लेना देना नहीं है जबकि यह कराची शहर और इसकी उर्दूभाषी लोग ही हैं जो भुट्टो की हत्या के तुरंत बाद सबसे अधिक निशाना बने.’ समूह ने आरोप लगाया कि मुहाजिरों के साथ बाकायदा भेदभाव किया जा रहा है और बीते कई दशक से वे मानवाधिकार उल्लंघन का निशाना बन रहे हैं.

पत्र में कहा गया कि डब्ल्यूएमसी संयुक्त राष्ट्र से अनुरोध करता है कि जब तक पाकिस्तान अपने जातीय और धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषकर बलूच और मुहाजिरों की शिकायतों का सचमुच में समाधान नहीं करता और कराची और बलूचिस्तान में कत्लेआम से संबद्ध सेना के क्रूर अभियान पर लगाम नहीं लगाता तब तक उसके खिलाफ आर्थिक और सैन्य प्रतिबंध लगाया जाए.

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