S M L

जानिए मालदीव संकट की पूरी कहानी

चीफ जस्टिस सईद ने ताजा राजनीतिक हालात के बाद भारत से मदद मांगी है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में जानबूझ कर की जा रही देरी पर भी चिंता जताई

FP Staff Updated On: Feb 06, 2018 05:04 PM IST

0
जानिए मालदीव संकट की पूरी कहानी

मालदीव में राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है. राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन के देश में इमरजेंसी लागू करने के अलावा जजों और पूर्व राष्ट्रपति की गिरफ्तारी के आदेश देने के बाद में यह संकट और बढ़ गया है.

होलीडे डेस्टिनेशन के रूप में जाने जाने वाले मालदीव की आम तौर पर खबरों में चर्चा कम ही होती है. लेकिन पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के विपक्षी नेताओं की रिहाई के आदेश के बाद इसे तानाशाह शासक यामीन की उग्र प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है.

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के अनुसार मालदीव की सत्ता पर 2013 में काबिज होने वाले यामीन ने देश की प्रतिष्ठा को छीन लेने वाले असंतोष का नेतृत्व किया. उन्होंने देश के लगभग सभी विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया.

राष्ट्रपति के सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश को मानने से इनकार करने के बाद मालदीव में इस सप्ताह ताजा राजनीतिक संकट पैदा हो गया, जिसमें उन्हें 9 विरोधी नेताओं को रिहा करने और 12 हटाए गए सांसदों को दोबारा बहाल करने को कहा गया था.

राष्ट्रपति पर संभावित रूप से महाभियोग चला सकता है विपक्ष

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से सदन में विपक्ष का बहुमत स्थापित हो गया- जिसका अर्थ हुआ कि वो राष्ट्रपति पर संभावित रूप से महाभियोग चला सकते हैं.

इमरजेंसी की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस अब्दुल्ला सईद और दूसरे जज अली हामिद को गिरफ्तार कर लिया गया. जांच या आरोप के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई. विपक्ष का साथ देने वाले पूर्व राष्ट्रपति मामून अब्दुल गयूम को उनके घर में नजरबंद कर दिया गया.

चीफ जस्टिस सईद ने इस हालात में भारत से मदद मांगी है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में जानबूझ कर की जा रही देरी पर उन्होंने चिंता जताई. सोमवार को राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने मालदीव में 15 दिन की इमरजेंसी लागू करने की घोषणा की थी. उन्होंने कहा कि इमरजेंसी के दौरान देश के नागरिकों के कुछ अधिकार सीमित रहेंगे. जबकि सामान्य आवाजाही, सेवाएं और व्यापार इससे प्रभावित नहीं होंगे.

मालदीव की सेनाएं भी अब्दुल्ला यामीन का समर्थन कर रही हैं. भारतीय विदेश मंत्रालय ने मालदीव संकट को देखते हुए देश के नागरिकों को सलाह दी है कि वो मालदीव की अनावश्यक यात्रा न करें. विभाग ने मौजूदा हालात को देखते हुए प्रवासियों को भी अलर्ट किया है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
SACRED GAMES: Anurag Kashyap और Nawazuddin Siddiqui से खास बातचीत

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi