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ब्रिटेन की अदालत ने तिहाड़ जेल को कहा सुरक्षित, माल्या की बढ़ सकती है टेंशन

यूके की अदालत ने तिहाड़ जेल को सुरक्षित परिसर करार देते हुए कहा है कि यहां भारतीय भगोड़ों का प्रत्यर्पण किया जा सकता है

Updated On: Nov 17, 2018 12:49 PM IST

FP Staff

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ब्रिटेन की अदालत ने तिहाड़ जेल को कहा सुरक्षित, माल्या की बढ़ सकती है टेंशन

ब्रिटेन की एक अदालत ने दिल्ली के तिहाड़ जेल को लेकर एक बड़ी बात कही है. वहीं अदालत का ये फैसला विजय माल्या के भारत प्रत्यर्पण के लिहाज से बहुत अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक यूके की एक अदालत ने तिहाड़ जेल को सुरक्षित परिसर करार देते हुए कहा है कि यहां भारतीय भगोड़ों का प्रत्यर्पण किया जा सकता है. क्रिकेट फिक्सिंग के आरोपी संजीव चावला के केस में आया यह फैसला बैंक धोखाधड़ी कर भागे विजय माल्या के प्रत्यर्पण के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है.

संजीव चावला पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की फिक्सिंग का आरोप है

लंदन हाई कोर्ट के जस्टिस लेगाट और जस्टिस डिंगेमैन्स ने बीते शुक्रवार को दिए अपने फैसले में कहा कि दिल्ली के तिहाड़ जेल में भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक संजीव चावला के लिए कोई खतरा नहीं है. बता दें कि संजीव चावला पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की फिक्सिंग का आरोप है. यह हैंसी क्रोन्ये मैच फिक्सिंग का मामला है, जिसमें भारतीय क्रिकेटर अजय जडेजा और मोहम्मद अजहरुद्दीन पर भी आरोप लगा था.

इस फैसले का असर विजय माल्या के केस पर भी पड़ सकता है

भारत की ओर से चावला के इलाज का भरोसा दिलाए जाने के बाद लंदन हाई कोर्ट ने यह बात कही है. लंदन हाई कोर्ट के इस फैसले का असर विजय माल्या के केस पर भी पड़ सकता है. इसकी वजह यह है कि माल्या अकसर भारत की जेलों को असुरक्षित बताते रहे हैं, ऐसे में अब ब्रिटिश अदालत से उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी मिल सकती है.

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ब्रिटेन के विदेश मंत्री चावला के प्रत्यर्पण में आखिरी फैसला लेंगे

अब इस मामले में नए फैसले के लिए केस वेस्टमिन्सटर मजिस्ट्रेट कोर्ट को ट्रांसफर होगा. ब्रिटेन के विदेश मंत्री चावला के प्रत्यर्पण के संबंध में आखिरी फैसला लेंगे, लेकिन इसे हाई कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है. यही नहीं इसके बाद लंदन के सुप्रीम कोर्ट में भी फैसले को चैलेंज किया जा सकता है.

संजीव चावला का वीजा साल 2000 में निरस्त कर दिया गया था

बता दें कि संजीव चावला का जन्म दिल्ली में हुआ है. वह 1996 तक भारत में रहे और उसके बाद बिजनेस वीजा पर यूके में रहने लगे. उनका वीजा साल 2000 में निरस्त कर दिया गया था. उन्हें 2003 में यूके में रहने के लिए अनिश्चितकालीन छुट्टी दी गई थी और 2005 में उन्हें यूके पासपोर्ट प्राप्त हुआ था. फिलहाल वह एक ब्रिटिश नागरिक हैं और यूके में अपनी पत्नी और 2 बेटों के साथ रहते हैं.

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