S M L

बांग्लादेश हाई कोर्ट ने खालिदा की जमानत याचिका पर फैसला टाला

एक अलग सुनवाई में एक अदालत ने रिश्वत मामले में खालिदा की जमानत सोमवार तक के लिए बढ़ा दी है

Bhasha Updated On: Feb 25, 2018 08:46 PM IST

0
बांग्लादेश हाई कोर्ट ने खालिदा की जमानत याचिका पर फैसला टाला

बांग्लादेश के हाई कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री और मुख्य विपक्षी दल बीएनपी की प्रमुख खालिदा जिया की जमानत याचिका पर रविवार को फैसला टालते हुए कहा कि निचली अदालत से आवश्यक कागजात मिलने के बाद इस पर फैसला किया जाएगा.

तीन बार देश की प्रधानमंत्री रह चुकी 72 वर्षीय खालिदा को उनके दिवंगत पति जियाउर रहमान के नाम पर संचालित जिया अनाथालय ट्रस्ट को विदेश से मिले करीब ढाई लाख अमेरिकी डॉलर के चंदे की रकम में हेरफेर से जुड़े मामले में आठ फरवरी को ढाका की एक विशेष अदालत ने पांच वर्ष जेल की सजा सुनाई थी.

हाई कोर्ट के एक अधिकारी ने पत्रकारों को बताया कि दो जजों की पीठ ने कहा, ‘निचली अदालत से मामले के दस्तावेज मिलने के बाद जमानत याचिका पर आदेश जारी किया जाएगा.’ अगले दो सप्ताह में ये कागजात हाईकोर्ट को मिल सकते है.

सोमवार तक बढ़ी जमानत की अवधि

इस सप्ताह की शुरुआत में हाई कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया था. याचिका में खालिदा को दोषी ठहराए जाने को चुनौती दी गई थी. एक अलग सुनवाई में एक अदालत ने रिश्वत मामले में खालिदा की जमानत सोमवार तक के लिए बढ़ा दी है.

खालिदा के वकील मॉदुद अहमद ने जिया चेरिटेबल ट्रस्ट रिश्वत मामले में खालिदा की जमानत बढ़ाने की याचिका दाखिल की थी जिसके बाद कोर्ट-5 के विशेष न्यायाधीश न्यायमूर्ति एमडी अख्तरूज्जमान ने जमानत एक दिन बढ़ाने का आदेश रविवार को जारी किया.

रिपोर्ट के अनुसार इसी अदालत ने एक फरवरी को खालिदा को रविवार तक के लिए अंतरिम जमानत दी थी और रविवार को उसके समक्ष पेश होने के लिए कहा था. जिया चैरिटेबल ट्रस्ट रिश्वत मामला अगस्त 2011 में दायर किया गया था जिसमें जिया समेत चार लोगों पर आरोप लगाए गए थे. इन पर सत्ता का दुरूपयोग करके अज्ञात स्रोतों से ट्रस्ट के लिए धन जुटाने के आरोप थे.

तीन अन्य लोगों में उस समय प्रधानमंत्री खालिदा जिया के राजनीतिक सचिव हैरिस चौधरी, हैरिस के सहायक निजी सचिव (एपीएस) जियाउल इस्लाम मुन्ना और ढाका शहर के पूर्व मेयर सादिक हुसैन खोखा के एपीएस मोनिरूल इस्लाम खान शामिल हैं. बीएनपी ने दावा किया है कि ये मामलें राजनीति से प्रेरित हैं और उनकी पार्टी प्रमुख को राष्ट्रीय चुनावों से दूर रखने के लिए है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
गोल्डन गर्ल मनिका बत्रा और उनके कोच संदीप से खास बातचीत

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi