S M L

कट्टरपंथियों के खिलाफ आगे आएं अमनपसंद मुस्लिम: सत्यार्थी

सत्यार्थी ने कहा, 'इस्लाम मानवता, त्याग और शांति सिखाता है. लेकिन चंद लोग हैं जो आतंकवाद और दूसरी गतिविधियों के जरिए इसे बदनाम कर रहे हैं'

Bhasha Updated On: Mar 28, 2018 04:09 PM IST

0
कट्टरपंथियों के खिलाफ आगे आएं अमनपसंद मुस्लिम: सत्यार्थी

नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने कहा है कि इस्लाम इंसानियत और अमन का संदेश देता है, लेकिन चंद लोग इसे बदनाम कर रहे हैं. इनके खिलाफ अमन पसंद बहुसंख्यक मुसलमानों को खुद अपनी आवाज बुलंद करनी होगी.

सत्यार्थी ने जॉर्डन में आयोजित 'लॉरेट्स एंड लीडर्स फॉर चिल्ड्रन' शिखर बैठक के दौरान मंगलवार को पश्चिम एशिया के कुछ देशों में चल रहे हिंसक संघर्ष के संदर्भ में यह बात कही.

सत्यार्थी ने कहा, 'इस्लाम तो मानवता, त्याग और शांति सिखाता है. लेकिन चंद लोग हैं जो आतंकवाद और दूसरी गतिविधियों के जरिए इसे बदनाम कर रहे हैं.' उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि इस क्षेत्र (पश्चिम एशिया) में 99 फीसदी से भी ज्यादा मुसलमान अमनपसंद हैं. मैं यह कहना चाहता हूं कि उनके चुप रहने से काम नहीं चलेगा. उन्हें आगे आना होगा और आवाज उठानी होगी. मुख्य रूप से धर्मगुरुओं को इसमें प्रमुख भूमिका अदा करनी होगी.'

आपको बता दें कि पिछले कुछ वर्षों से सीरिया, इराक और यमन हिंसक संघर्ष का सामना कर रहे हैं. इसमें सीरिया की हालत सबसे ज्यादा भयावह है.

कैलाश सत्यार्थी

कैलाश सत्यार्थी

सीरिया में मार्च, 2011 में गृहयुद्ध शुरू होने के बाद से करीब 5 लाख लोग मारे जा चुके हैं. यूएनएचसीआर के मुताबिक 56 लाख से अधिक लोगों को सीरिया से बाहर शरण लेनी पड़ी है और इससे कहीं ज्यादा लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हुए हैं.

बड़ी संख्या में शरणार्थियों को पनाह देने और उदारवादी रुख रखने के लिए जॉर्डन की तारीफ करते हुए सत्यार्थी ने कहा, 'पूरी दुनिया को जॉर्डन से इस्लाम की सीख लेनी चाहिये. जॉर्डन अपने किरदार के जरिए यह बखूबी दिखा रहा है कि इस्लाम क्या है.'

जॉर्डन के डेड सी के किनारे के किंग हुसैन बिन तलाल कन्वेंशन सेंटर में हुई दो दिन (26-27 मार्च) के 'लॉरेट्स एंड लीडर्स फॉर चिल्ड्रन' शिखर बैठक में जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला 2 शामिल हुए.

उनके अलावा इस शिखर बैठक में पनामा के राष्ट्रपति जुआन कार्लोस वरेला, फर्स्ट लेडी लोरेना कासतिलो वरेला, जॉर्डन के प्रिंस अली बिन अल हुसैन, नोबेल शांति विजेता कैलाश सत्यार्थी, तवक्कल कारमान (यमन) और लेमा बोवी (लाइबेरिया), आयरलैंड की पूर्व राष्ट्रपति मेरी रॉबिन्सन, अल्जीरिया के पूर्व विदेश मंत्री लखदर ब्राहिमी, अमेरिकी मानवाधिकार कार्यकर्ता केरी केनेडी और कई अन्य हस्तियां भी शामिल हुईं.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
SACRED GAMES: Anurag Kashyap और Nawazuddin Siddiqui से खास बातचीत

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi