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बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना की हत्या की साजिश नाकाम

2009 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से अब तक 11 बार शेख हसीना की हत्या करने की कोशिश की गई है

FP Staff Updated On: Sep 23, 2017 09:00 PM IST

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बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना की हत्या की साजिश नाकाम

बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना की हत्या की साजिश रचने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. साजिशकर्ता इंदिरा गांधी की हत्या से प्रेरित थे, क्योंकि ये साजिश कोई और नहीं बल्कि उनकी सुरक्षा में लगे ढाका के टॉप काउंटर टेररिज्म अधिकारियों ने मिलकर रची थी.

इंटरसेप्ट की खुफिया रिपोर्ट के अनुसार स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (SSF) के 6 से 7 जवान जो प्रधानमंत्री के सुरक्षा में लगे थे वही उनपर 24 अगस्त को हमला करने की तैयारी कर रहे थे. योजना के अनुसार साजिशकर्ताओं ने बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना की उनके ऑफिस से बहार निकलते ही उन्हें मौत के घाट उतारने का प्लान बनाया था. इंडिपेंडेंट सोर्स और भारत-बंगलादेश के खुफिया तंत्र ने भी इसकी पुष्टि की है.

शीर्ष अधिकारी ने दी ये जानकारी

बांग्लादेश की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के एक शीर्ष अधिकारी ने न्यूज़18 को बताया कि जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के साथ मिलकर ये हमला किया जाना था. योजना के अनुसार, जेएमबी जिहादी अन्य सुरक्षा गार्डों का ध्यान हटाने के लिए शेख हसीना के ऑफिस के चारों ओर विस्फोटकों से हमला करना चाहते थे, जिससे भागने के लिए एक रास्ता बन सके.

आतंकियों ने यह योजना भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या जैसे बनाई थी. हमलावरों का प्लान था कि जिहादी बाहर से हमला करेंगे और हसीना की सुरक्षा में लगे गार्ड उनकी हत्या कर देंगे.

बांग्लादेशी पीएमओ से संबंधित एक अन्य शीर्ष खुफिया अधिकारी ने न्यूज़18 को बताया, 'हत्या की योजना इंदिरा गांधी की हत्या की योजना पर आधारित था. जिहादियों की योजना शेख हसीना की सुरक्षा में लगे जवानों के साथ मिलकर हत्या को अंजाम देने की थी.'

Sheikh Hasina

तस्वीर: पीटीआई

भारत और बांग्लादेशी खुफिया अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने जेएमबी आतंकवादियों और एसएसएफ गार्डों के बीच हुई बात को पकड़ा. जिसके बाद हसीना को ढाका में उनके कार्यालय के बाहर एक स्थान पर रहने की सलाह दी गई थी, जहां उन्हें एक निजी सभा में शामिल होना था. सभा को ध्यान में रखते हुए उनकी सुरक्षा में लगे जवानों ने उनके चारों ओर एक घेरा बना लिया था. ढाका के टॉप अधिकारी ने बताया कि इस पूरे ऑपरेशन शामिल हर अंतिम व्यक्ति को पकड़ना चाहते हैं. सूत्रों के मुताबिक, संदिग्धों की अभी भी बांग्लादेशी अधिकारियों द्वारा पूछताछ की जा रही है.

न्यूज 18 ने दिल्ली में बांग्लादेशी उच्चायोग के माध्यम से ढाका स्थित विदेश मंत्रालय से मामले की जानकारी लेनी चाही लेकिन वहां से किसी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं मिली. नई दिल्ली में गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने इस मामले पर यह कहते हुए कुछ भी कहने से इनकार कर दिया कि ये मामला बांग्लादेश से संबंधित है.

अब तक 11 बार हो चुकी है हत्या की कोशिश

2009 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से अब तक 11 बार शेख हसीना की हत्या करने की कोशिश की गई है. पीएम इंदिरा गांधी को भी उन्हीं के दो सुरक्षा गार्डों ने 31 अक्टूबर 1984 को मौत के घाट उतार दिया था जब वो दिल्ली में अपने निवास स्थल से दफ्तर की तरफ जा रही थीं.

प्रधानमंत्री हसीना पर हमले के प्रयास में शामिल षड्यंत्रकारियों में पाकिस्तानी जासूस एजेंसी इंटर सर्विस इंटेलिजेंस (आईएसआई) की मुख्य भूमिका मानी जा रही है. ढाका के एक खुफिया अधिकारी ने कहा, 'यह सब तब शुरू हुआ जब आईएसआई के ब्रिगेडियर अशफाक, दो महीने पहले लंदन में बांग्लादेश से एक शीर्ष विपक्षी नेता से मिले थे.'

बांग्लादेशी खुफिया एजेंसी एसएसएफ के दो प्रमुख मेजर रैंक के अधिकारियों पर बारीकी से नजर रखे हुए है, जिन्होंने लंदन में उस विपक्षी नेता से मुलाकात की थी.

सूत्रों के मुताबिक, शेख हसीना की सुरक्षा में लगे एसएसएफ अधिकारियों ने आईएसआई के दफ्तर में एक शीर्ष अधिकारी से फोन पर बात की थी, जिसमें बांग्लादेश को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाने की योजना को अंतिम रूप देने का सुझाव दिया गया था.

खुफिया अधिकारियों के मुताबिक, ढाका में आईएसआई प्रधानमंत्री हसीना की हत्या करके बांग्लादेश-म्यांमार सीमा क्षेत्र में अशांति पैदा करने की एक योजना पर काम कर रहा था. किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक हिंसा से बचने के लिए बांग्लादेश में रेड अलर्ट जारी की गई है, विशेष रूप से दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश में जहां हजारों रोहिंग्या शरणार्थी अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं.

साभार: न्यूज18 हिंदी

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