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इवांका ट्रंप की अपने बेटे के साथ इस तस्वीर पर क्यों मचा है बवाल?

ट्रंप प्रशासन की नई इमिग्रेशन पॉलिसी ने सैकड़ों परिवारों को अलग कर दिया है, ऐसे में इवांका की ये फोटो जख्म पर नमक छिड़कने जैसी है

Tulika Kushwaha Tulika Kushwaha Updated On: May 29, 2018 05:49 PM IST

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इवांका ट्रंप की अपने बेटे के साथ इस तस्वीर पर क्यों मचा है बवाल?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी और वाइट हाउस में उनकी एडवाइजर इवांका ट्रंप ने 27 मई यानी रविवार को एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें वो अपने बेटे थियोडोर को गोद में ली हुई दिखाई दे रही हैं. इसके साथ लिखा हुआ है, 'My ♥️! #Sunday Morning.'

यूं तो ये काफी प्यारी तस्वीर है लेकिन इस तस्वीर पर इवांका को काफी आलोचनाएं मिल रही हैं. और इसका कारण अमेरिका की इमिग्रेशन पॉलिसी में हो रहे भयानक बदलाव हैं. भयानक इसलिए क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति के नए फैसले ने सैकड़ों बच्चों को उनके परिवार से अलग कर दिया है. और उनका भविष्य अंधेरे में डाल दिया है. इवांका अमेरिकी राष्ट्रपति की बेटी होने के साथ-साथ उनकी सलाहकार भी हैं, ऐसे में इस वक्त उनकी ये फोटो जख्म पर नमक का काम कर रही है. ट्विटर पर उनकी इस फोटो को 'टोन डीफ' करार दिया गया है. मतलब स्थिति की गंभीरता और जरूरत के प्रति बेपरवाह.

इवांका से लोगों ने सवाल किया है कि उनकी तरह ही सैकड़ों मांओं का क्या? ये अच्छी बात है कि वो खुशकिस्मत हैं कि वो अपने बेटे को गोद में उठा सकती हैं, प्यार कर सकती हैं लेकिन ऐसी कई माएं हैं, जिन्हें उनके बच्चों से अलग कर दिया गया है. उन्हें नहीं पता कि वो अपने बच्चों को दोबारा कब देख पाएंगी या फिर देख भी पाएंगी या नहीं.

उन्हें इस पॉलिसी का समर्थक भी कहा जा रहा है. कुछ लोगों ने ट्वीट किया कि इवांका को शर्म आनी चाहिए कि वो तीन बच्चों की मां होते हुए भी अपने पिता की इस पॉलिसी को सपोर्ट कर रही हैं. वहीं कुछ लोग उनसे अपील कर रहे हैं कि चूंकि वो वाइट हाउस में एडवाइजर हैं तो उन्हें इस बारे में कुछ करना चाहिए.

आखिर क्या है यह पॉलिसी?

लेकिन क्या है ट्रंप प्रशासन की ये नई पॉलिसी, जिसने इतने बड़े स्तर पर परिवारों को बरबाद कर दिया है. ट्रंप प्रशासन की ये पॉलिसी उन लोगों को बुरी तरह प्रभावित कर रही है, जो अमेरिका में गैरकानूनी रूप से दाखिल होते हैं और या शरणार्थी बनकर जाते हैं. ऐसे लोग अगर बॉर्डर एजेंट्स की पकड़ में आ जाते हैं, तो उनके ऊपर केस चलता है. लेकिन अब बॉर्डर एजेंट्स ऐसे लोगों को पकड़कर माता-पिता को अलग और बच्चों को अलग रख रहे हैं. और ये परिवार तब तक एक नहीं होंगे, जब तक इनका फैसला नहीं हो जाता.

दरअसल, लगभग एक महीने पहले यूएस के अटॉर्नी जनरल जेफ सेशन्स ने कहा था कि वो बॉर्डर क्रॉस करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति लाने वाले हैं. अब ट्रंप की इस नई नीति में ऐसा प्रावधान किया गया है, जिसमें बॉर्डर एजेंट्स को ऐसी ताकत दी गई है, जिसमें वो इन परिवारों से उनके बच्चों को अलग कर सकते हैं.

इसके पहले होता ये था कि गैरकानूनी तौर पर अमेरिका में घुसने वालों को पता होता था कि अगर उनपर केस होता भी है तो उनके परिवार को एक साथ रखा जाएगा और फैसला लिया जाएगा लेकिन अब उनके साथ इतनी ज्यादती हो रही है, कि सैकड़ों परिवार अलग हो गए हैं.

होमलैंड सिक्योरिटी ने कुछ वक्त पहले बताया था कि इमिग्रेशन पॉलिसी सख्त करने के लिए गैरकानूनी रूप से अमेरिका में दाखिल होने वाले लोगों के खिलाफ क्रिमिनल केस चलाया जाएगा और उनके बच्चों को उनसे अलग प्रोटेक्टिव कस्टडी में रखा जाएगा. ऐसे अभिभावकों को पकड़कर तुरंत यूएस मार्शल सर्विस को सौंप दिया जाएगा और उन्हें फेडरल कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा और उनके बच्चों को हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विसेस ऑफिस ऑफ रिफ्यूजी रिसेटलमेंट के अंडर में रखा जाएगा.

जेफ सेशन्स ने भले ही जीरो टॉलरेंस वाली बात अप्रैल में कही हो, लेकिन रिपोर्ट्स हैं कि बॉर्डर एजेंट्स पिछले कई महीनों से ऐसा कर रहे हैं.

न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया है कि अक्टूबर से लेकर अब तक कम से कम 700 बच्चे अपने माता-पिता से अलग हो चुके हैं. इनमें से 100 की उम्र चार साल से भी कम है. एक दूसरी रिपोर्ट के मुताबिक, डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विसें तो 1500 बच्चों को यूएस स्पॉन्सर्स को सौंपने के बाद अब गिनती भी भूल गया है.

ऐसी पॉलिसी लाने के बाद ट्रंप ने एक बहुत ही अजीब सा ट्वीट किया है. उन्होंने इसके लिए विपक्षी डेमोक्रेट्स को जिम्मेदार बताया है.

अब ये समझ से बाहर की बात है कि जो पॉलिसी उनकी खुद की सरकार ले आई है, उसके लिए वो डेमोक्रेट्स को क्यों कोस रहे हैं. लेकिन ये भी बात है कि ये वहीं ट्रंप हैं, जिन्होंने कहा था कि मैक्सिको से अमेरिका में गैरकानूनी रूप से घुसने वालों को रोकने के लिए दीवार बनवाएंगे और इसके लिए पैसे खुद मैक्सिको से लेंगे.

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