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आयरलैंड में गर्भपात पर लगा बैन हटा, PM बोले- महिलाओं को शर्म, अपराध बोध से मिली मुक्ति

इस मौके पर प्रधानमंत्री लियो वराडकर ने कहा, 'आज आयरलैंड के लिए ऐतिहासिक दिन है. एक आंदोलन ने जन्म लिया है'

FP Staff Updated On: May 27, 2018 01:58 PM IST

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आयरलैंड में गर्भपात पर लगा बैन हटा, PM बोले- महिलाओं को शर्म, अपराध बोध से मिली मुक्ति

आयरलैंड में जनमत संग्रह के बाद गर्भपात पर लगे सदियों पुराने बैन को हटा दिया गया है. आयरलैंड के प्रधानमंत्री लियो वराडकर ने कहा कि इस ऐतिहासिक फैसले ने उन हजारों-लाखों महिलाओं को शर्म और अपराध बोध से मुक्त कर दिया है जिन्हें छिपकर गर्भपात कराना पड़ा था. बता दें कि छह साल भारतीय महिला सविता हलप्पनावर को गर्भपात की अनुमति नहीं मिली थी जिसके चलते उनकी मौत हो गई थी.

डबलिन कासल में शनिवार को जनमत संग्रह का फैसला सुनाया गया. जनमत संग्रह में शामिल हुए 66 प्रतिशत लोगों ने गर्भपात पर लगे संवैधानिक बैन को खत्म करने का समर्थन किया है. इस मौके पर वराडकर ने कहा, 'आज आयरलैंड के लिए ऐतिहासिक दिन है. एक आंदोलन ने जन्म लिया है.' उन्होंने कहा, 'हमने, देश की जनता ने, अपनी राय रख दी है. हमें महिलाओं पर विश्वास है और हम उनका और उनके फैसलों का सम्मान करते हैं.'

कैसे हुई थी सविता हलप्पनावर की मौत

भारतीय मूल की सविता हलप्पनावर आयरलैंड में डेंटिस्ट थीं. अक्टूबर 2012 में डॉक्टरों ने सविता को बताया कि उनका मिसकैरिएज हो गया है. इसके बाद उन्होंने गर्भपात की अनुमति मांगी थी लेकिन कैथोलिक देश में गर्भपात के खिलाफ सख्त कानून के चलते उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी गई थी. कुछ दिनों बाद ब्लड पॉइजनिंग की वजह से उनकी मौत हो गई थी. इस घटना के बाद आयरलैंड में गर्भपात से बैन हटाने को लेकर अभियान शुरू हुआ.

हटा दशकों पुराना बैन

आयरलैंड के संविधान में 1983 में संशोधन कर गर्भपात पर बैन लगाया गया था. उम्मीद है कि जनमत संग्रह के फैसले के आधार पर इस साल के अंत तक संविधान में बदलाव किया जाएगा. पीएम ने कहा, "35 सालों तक प्रेग्नेंसी में होने वाली तकलीफों को हमने कानून के पीछे छिपाकर रखा. जनता के फैसले से अब यह बदल जाएगा."

अपना भाषण खत्म करते हुए पीएम ने कहा, "आयरलैंड की महिलाओं को इलाज नहीं मिलने का जो असहनीय दर्द मिला उसके लिए हम कुछ नहीं कर सकते लेकिन आज हमने सुनिश्चित किया है कि उन्हें अब इन सबसे नहीं गुजरना पड़ेगा."

आयरलैंड के पहले गे प्रधानमंत्री हैं वराडकर

लियो वराडकर भारतीय मूल के हैं और वह आयरलैंड के पहले समलैंगिक प्रधानमंत्री हैं. पिछले साल प्रधानमंत्री के पद पर उनका चुनाव होना आयरलैंड में एक माइलस्टोन के तौर पर देखा जाता है. वह आयरलैंड में माइनॉरिटी सरकार चला रहे हैं और सेंटर-राइट फाइन गेल पार्टी के नेता हैं.

वराडकर के पिता भारतीय हैं और उनकी मां आयरिश मूल की हैं. पेशे से डॉक्टर वराडकर 2010 तक अस्पताल डॉक्टर के तौर पर काम करते थे, उसके बाद उन्होंने फैमिली डॉक्टर के तौर पर काम करना शुरू किया. वह 2014 से 2016 के बीच आयरलैंड के स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं, इस दौरान उनके सामने दो ऐसे मामले आए जिनकी वजह से गर्भपात को लेकर उनकी राय पूरी तरह बदल गई. इन मामलों के चलते उन्हें अहसास हुआ कि संविधान में गर्भपात को बैन नहीं किया जा सकता है.

(न्यूज़18 से साभार)

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