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इंडोनेशियाः भूकंप और सुनामी के बाद अब 800 से अधिक मृतकों को सामूहिक दफनाने की हो रही तैयारी

इंडोनेशिया में भूकंप और सूनामी के बाद अब प्रशासन ने इस प्राकृतिक आपदा से होने वाली खतरनाक बीमारियों के फैलाव को रोकने के लिए जल्द से जल्द शवों को दफनाने की तैयारी शुरू कर दी है

Updated On: Oct 01, 2018 10:45 AM IST

FP Staff

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इंडोनेशियाः भूकंप और सुनामी के बाद अब 800 से अधिक मृतकों को सामूहिक दफनाने की हो रही तैयारी

इंडोनेशिया में भूकंप और सुनामी की वजह से मरने वालों की संख्या 830 के आसपास पहुंच गई है. हालांकि अब प्रशासन ने इस प्राकृतिक आपदा के बाद खतरनाक बीमारियों के फैलाव को रोकने के लिए जल्द से जल्द शवों को दफनाने की तैयारी भी शुरू कर दी है.आपको बता दें कि कई लोग अब भी ध्वस्त इमारतों के बीच फंसे हुए हैं. प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार भूकंप और सुनामी से मरने वालों की संख्या 830 के पार हो चुकी है और ऐसी आशंका है कि क्षतिग्रस्त सुलावेसी द्वीप में यह संख्या और अधिक बढ़ सकती है. वहीं यह सवाल बार-बार उठाया जा रहा है कि अग्रिम सुनामी चेतावनी प्रणाली क्यों नहीं वर्षों से काम कर रही है.

मरने वालों लोगों की संख्या 1000 तक पहुंच सकती है

बता दें कि शुक्रवार को इंडोनेशिया में 7.5 तीव्रता का भूकंप आया था जिससे पैदा हुई सुनामी से समुद्र का पानी पालू इलाके में घुस गया था. इस शहर में लगभग साढ़े 3 लाख लोग रहते हैं. सरकारी सूत्रों के अनुसार मरने वालों लोगों की संख्या 1000 तक पहुंच सकती है. इस आपदा में बचे लोग अपने परिजनों का अंतिम संस्कार कर रहे हैं जबकि जिन लोगों का कोई नहीं बचा सरकार उनके शरीर को दफनाने के लिए कदम उठा रही है.

बीमारियों को रोकने के लिए मृतकों को एकसाथ दफनाया जाएगा

राष्ट्रीय आपदा एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पुरवो नुग्रहो ने बताया, ‘मृतकों की संख्या अभी बढ़ती रहेगी. हम मृतकों को एक साथ दफना रहे हैं, ताकि बीमारियों के फैलाव को रोका जा सके.’ उन्होंने बताया कि सोमवार शाम से मृतकों को सामूहिक रूप से दफनाने का काम शुरू किया जाएगा. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभी भी मलवों से लोगों को निकालने का काम चल रहा है. पालू होटल के मलवे से ही करीब 60 मृत लोगों को निकाला गया है. वहीं रोआ-रोआ होटल के मलवे के नीचे से दो लोगों को सुरक्षित जिंदा निकाला गया है.

जीवित बचे लोग खाने-पीने के लिए लूट रहे दुकानें

बता दें कि भूकंप और सुनामी के बाद जीवित बचे लोग खाने-पीने की चीजों के लिए दुकानों को लूट रहे हैं. हालांकि पुलिसकर्मी भी उन्हें नहीं रोक रहे. पालू में एक व्यक्ति ने बताया- 'कोई मदद नहीं कर रहा, हम भूखे हैं. हमारे पास दुकानें लूटने के अलावा कोई विकल्प नहीं है क्योंकि हमें खाना चाहिए.’आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि सुनामी चेतावनी प्रणाली अगर काम करती तो ज्यादा लोगों की जानें बचाई जा सकती थीं लेकिन पैसे की कमी की वजह से 6 साल से वह काम नहीं कर रहा है. वहीं इंडोनेशिया के उप राष्ट्रपति यूसुफ कल्ला ने बताया कि शहर से दूर के इलाकों में मृतकों की संख्या 1000 तक पहुंच सकती है क्योंकि अभी तक कई इलाकों में मदद नहीं पहुंच पाई है.

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