S M L

चीन और भारत की दोस्ती में 'हिंदी' का बहुत बड़ा हाथ है: सुषमा स्वराज

सुषमा स्वाराज ने कहा कि जिस तरह से हमारे बीच रिश्ते मजबूत हो रहे हैं, उन्हें देखते हुए ये और भी जरूरी हो जाता है कि चीन के स्टूडेंट्स हिंदी सीखें और भारतीय छात्र मंडीरिन सीखें

Updated On: Apr 23, 2018 11:50 AM IST

FP Staff

0
चीन और भारत की दोस्ती में 'हिंदी' का बहुत बड़ा हाथ है: सुषमा स्वराज

चीन के चार दिवसीय दौरे पर गईं भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि भारत और चीन की दोस्ती मजबूत करने में चीन के उन विद्यार्थियों का बहुत बड़ा हाथ है जो हिंदी भाषा से प्यार करते हैं. सुषमा स्वराज ने ये बात बीजिंग में आयोजित 'भारत चीन की दोस्ती में हिंदी का योगदान' कार्यक्रम में हिस्सा लेने के दौरान कही.

इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुषमा स्वराज ने कहा कि दो देशों के विदेश मंत्री भी मिलकर भारत और चीन की दोस्ती को इतना मजबूत नहीं कर सकते जितना चीन के वो विद्यार्थी करते हैं जिन्हें हिंदी से प्यार है.

चीन में भारतीय सिनेमा की लोकप्रियता पर बात करते हुए सुषमा स्वराज ने कहा भारतीय सिनेमा भी चीन में काफी फेमस है. उन्होंने कहा कि कल(रविवार) मैं चीन के विदेश मंत्री वांग यी से बात कर रही थी. तब उन्होंने बताया कि दंगल, सीक्रेट सुपरस्टार और हिंदी मीडियम जैसी फिल्में यहा काफी फेमस हैं.

उन्होंने आगे बताया कि एक लड़की ने अभी मुझे बताया कि उसका सपना है कि वो भारत घूमने आए,मगर उसे नहीं पता कि उसका ये सपना कब पूरा होगा. सुषमा ने कहा कि आपका ये सपना जल्द पूरा होगा. मैने अभी यहां भारतीय राजदूत से बात की है और यहां बैठे हिंदी सीखने वाले सभी छात्रों मे से 25 को भारत भेजने के लिए कहा है.

इसके साथ ही सुषमा स्वाराज ने अलग-अलग भाषाओं के सीखने पर जोर देते हुए कहा कि जिस तरह से हमारे बीच रिश्ते मजबूत हो रहे हैं, उन्हें देखते हुए ये और भी जरूरी हो जाता है कि चीन के स्टूडेंट्स हिंदी सीखें और भारतीय छात्र मंडीरिन सीखें. उन्होंने कहा ऐसा इसलिए ताकि अगर आप भारत जाएं या भारतीय चीन जाएं तो किसीको भाषा के अवरोधों का सामना न करना पड़े.

 

इस इवेंट से पहले सुषमा स्वराज ने किर्गिस्तान के विदेश मंत्री से भी मुलाकात की थी.

अपने चार दिनों के दौरे की शुरूआत करते हुए सुषमा स्वराज शनिवार को बीजिंग पहुची थी. यहां वो 24 अप्रैल को होने वाले शंघाई को-ओपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) समिट में हिस्सा लेंगी. इस दौरान रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण भी उपस्थित रहेंगी. ये  समिट कई मायनों में अहम रहने वाला है. बताया जा रहा है कि ये समिट इसलिए भी मबत्वपूर्ण बताया जा रहा है क्योंकि 2017 में भारत और पाकिस्तान के एससीओ में शामिल होने के बाद ये पहला मौका है जब दोनों देशो की मौजूदगी में ये मीटिंग हो रही है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
#MeToo पर Neha Dhupia

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi