S M L

इमरान खान ने लिखित में मांगी माफी, आयोग ने किया माफ, पीएम बनने का रास्ता साफ

इमरान खान पर आरोप है कि उन्होंने 25 जुलाई को आम चुनाव के दौरान अपना वोट डालते समय आचार संहिता का उल्लंघन किया था

Updated On: Aug 10, 2018 03:57 PM IST

Bhasha

0
इमरान खान ने लिखित में मांगी माफी, आयोग ने किया माफ, पीएम बनने का रास्ता साफ

पाकिस्तान के अगले संभावित प्रधानमंत्री इमरान खान ने मतदान की गोपनीयता भंग करने के मामले में आज निर्वाचन आयोग से लिखित में माफी मांगी और एक हलफनामा दाखिल किया. माफी के बाद चुनाव आयोग ने खान को भेजा गया नोटिस वापस ले लिया है, और अब पूर्व क्रिकेटर के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने का रास्ता साफ हो गया है.

पाकिस्तान निर्वाचन आयोग ने एक के मुकाबले तीन मतों से पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ प्रमुख खान का माफीनामा मंजूरी किया. आयोग ने इस्लामाबाद के एनए-53 सीट से खान को विजयी घोषित करने की भी अधिसूचना जारी की. खान ने इसी संसदीय सीट से मतदान की गोपनीयता का उल्लंघन करते हुए अपने मतपत्र पर सबके सामने ठप्पा लगाया था.

खबरों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त (अवकाश प्राप्त) जस्टिस सरदार मोहम्मद रजा, खान की माफी स्वीकार करने के पक्ष में नहीं थे, जबकि चुनाव आयोग के सिंध, बलूचिस्तान और खैबर-पख्तूनख्वा के आयुक्तों ने खान का माफीनामा स्वीकार किया.

मुख्य निर्वाचन आयुक्त रजा की अध्यक्षता में हुई चार सदस्यीय पीठ की सुनवाई के दौरान इमरान खान ने लिखित माफी तथा हलफनामा दायर किया. आयोग ने खान से इस सबंध में लिखित में माफी मांगने को कहा था.

आयोग ने इमरान के वकील द्वारा दाखिल जवाब को नहीं किया था स्वीकार

आयोग ने गुरुवार को इमरान खान के वकील बाबर ऐवान द्वारा दाखिल जवाब को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था. बाबर ऐवान ने कहा था कि उनके मुवक्किल ने जानबूझकर अपने मतपत्र पर सार्वजनिक रूप से मोहर नहीं लगाई थी.

ऐवान ने साथ ही कहा था कि इस विवाद को अब खत्म किया जाए. उन्होंने आयोग से अपील की थी कि वह इमरान खान को एनए 53 इस्लामाबाद निर्वाचन क्षेत्र से विजयी घोषित करे.

एनए-53 इस्लामाबाद संसदीय क्षेत्र में सार्वजनिक तौर पर मतपत्र पर स्टांपिंग करते हुए पाए जाने के बाद पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) ने इसका स्वत: संज्ञान लिया था. इसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त की अध्यक्षता वाली चार सदस्यीय पीठ ने खान के खिलाफ मामले की सुनवाई की.

इमरान खान पर सार्वजनिक तौर पर मतदान करने का आरोप था

ऐवान ने कल आयोग को लिखित जवाब देते हुए कहा था कि उनके मुवक्किल ने जानबूझकर सार्वजनिक तौर पर मतदान नहीं किया. जवाब के मुताबिक इमरान के मतपत्र के फोटो उनकी अनुमति के बगैर लिए गए. गोपनयीता बरतने के लिए वोट डालने वाले स्थान के आसपास लगाए गए पर्दे मतदान केंद्र के अंदर भीड़ के कारण गिर गए थे .

द न्यूज के मुताबिक अवान ने पीठ को बताया, ‘भीड़ के कारण मतदान केंद्र पर डिवाइडर को हटा दिया गया था.’ खान ने जब कर्मचारियों से निर्देश बताने के लिए कहा तो उन्हें बताया गया कि कैसे वोट डालें.

इमरान (65) ने एनए-53 इस्लामाबाद संसदीय सीट से पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के नेता शाहिद खाकान अब्बासी को 48,577 मतों से पराजित किया था.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Jab We Sat: ग्राउंड '0' से Rahul Kanwar की रिपोर्ट

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi