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म्यांमार से हिंदुओं ने सुनाई रोहिंग्‍या के आतंक की पीड़ा

हालांकि कुटुपलांग रिफ्यूजी कैंप में एक तथाकथित रोहिंग्या मिलिटेंट का कहना है कि ये हमला बौद्ध भीड़ ने किया है

FP Staff Updated On: Sep 27, 2017 10:51 PM IST

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म्यांमार से हिंदुओं ने सुनाई रोहिंग्‍या के आतंक की पीड़ा

म्यांमार के रखाइन प्रांत में मिली 45 लाशों के बारे में प्रत्यक्षदर्शी हिंदुओं ने रूह कंपाने वाली दास्‍तान बयां की है. म्‍यांमार सेना ने पिछले दिनों बताया था कि रखाइन में हिंदू की सामूहिक कब्र मिली है. इन लोगों को रोहिंग्‍याओं द्वारा मारे जाने का दावा किया गया है.

खा मौंग सेक गांव की रीका धर बताती है कि उसके पति, भाई और दो अन्य पड़ोसियों को कुछ मास्क लगाए हुए लोगों ने गंडासे से काटकर मार डाला. 25 साल की रीका धर का कहना है कि उनके हाथ बांध दिए गए थे और आंखों पर पट्टी बांध दी गई थी. इसके बाद हमलावरों ने तीन बड़े-बड़े गड्ढे खोदे और उसी में उनको मार के डाल दिया. घटना 25 अगस्त की है.

इस घटना के बाद म्यांमार की सेना ने इस इलाके में रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ कार्रवाई की. इसकी वजह से लाखों रोहिंग्या मुसलमानों को भागकर बांग्लादेश में शरण लेनी पड़ी. हालांकि सेना का कहना है कि उसी दिन इन हमलावरों ने पुलिस पोस्ट पर भी हमले किए. सेना ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने कार्रवाई सिर्फ रोहिंग्या अतिवादी ग्रुप के खिलाफ की थी.

इसी गांव की प्रोमिला शील बताती हैं कि काले कपड़े पहने ये हमलावर सबको पहाड़ी पर लेकर गए और वहां सबको मार डाला. कुछ लोगों को उनकी आंखों पर पट्टी बांधकर जंगल में से ले गए और उन्हें पेड़ों से बांध दिया.

हालांकि कुटुपलांग रिफ्यूजी कैंप में एक तथाकथित रोहिंग्या मिलिटेंट का कहना है कि ये हमला बौद्ध भीड़ ने किया है और रोहिंग्या मुसलमानों की छवि खराब करने के लिए उन पर गलत आरोप लगाया जा रहा है. हम लोग बिना किसी ठोस कारण के मोघ (रखाइन बौद्ध) या हिंदुओं के खिलाफ कुछ नहीं करते.

[न्यूज़ 18 इंडिया से साभार]

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