S M L

अमेरिका ने बनाया नया नियम, अब सिर्फ 12 दिनों के लिए मिलेगा H1-B वीजा

हजारों की संख्या में भारत के आईटी फर्म में काम करने वाले इंजीनियर यूएस जाते हैं, ऐसे में उन्हें H1-B वीजा उपलब्ध कराया जाता है लेकिन अब इस वीजा की अवधि को काफी कम कर दिया गया है

Updated On: Oct 15, 2018 11:45 AM IST

FP Staff

0
अमेरिका ने बनाया नया नियम, अब सिर्फ 12 दिनों के लिए मिलेगा H1-B वीजा
Loading...

अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों का वीजा एक्पायर हो गया है या जिनका स्टेटस बदल गया है उन्हें जल्द ही देश से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है लेकिन इसमें भी एक बड़ा बदलाव किया गया है. हजारों की संख्या में भारत के आईटी फर्म में काम करने वाले इंजीनियर यूएस जाते हैं. ऐसे में उन्हें H1-B वीजा उपलब्ध कराया जाता है लेकिन अब इस वीजा की अवधि को काफी कम कर दिया गया है. अमेरिकी कानून के मुताबिक पहले H1-B वीजा 3 महीने की अवधि पर दिया जाता था जिसे अब केवल 12 दिन कर दिया गया है.

 H1-B वीजा एक्सपायर होने के बाद ही रिन्यू होगा

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक यह नया नियम यूएस सिटिजनशिप एंड इमीग्रेशन सर्विसेस (USCIS) ने शुरू किया है. आपको बता दें कि नए नियमानुसार 12 दिन के लिए जारी होने वाले H1-B वीजा के रिन्यू के लिए भी आप तब अप्लाई कर पाएंगे जब पुराना एक्सपायर हो जाएगा. इससे पहले वीजा के एक्सपायर होने से कुछ दिन पहले भी आप नया वीजा इशू करवा सकते थे. USCIS के मुताबिक फरवरी 2018 से ही इस नए नियम को लेकर चर्चाएं हो रही थीं लेकिन अब इसे लागू करने का फैसला कर लिया गया है.

एनटीए व्यक्ति को इमीग्रेशन जज के सामने पेश होने के लिए कहता है

वहीं नए नियम के अनुसार जिन लोगों ने वीजा एक्सटेंशन का आवेदन किया है उन्हें एनटीए (नोटिस टू अपीयर) जारी किया जाएगा. एनटीए, अमेरिका में गैर-कानूनी रूप से रह रहे लोगों को देश से बाहर भेजे जाने के लिए जारी किया जाने वाला पहला कदम है. एनटीए एक तरह का डॉक्युमेंट है जो कि किसी व्यक्ति को इमीग्रेशन जज के सामने पेश होने के लिए कहता है. इसकी जिम्मेदारी यूएससीआईएस को दी गई है. इससे पहले काफी संख्या में H1-B वीजा होल्डर्स से उनका वीजा एक्सटेंड करने से मना कर दिया गया था जिनमें से अधिकतर लोग भारतीय थे.

क्या है H1-B वीजा?

H1-B वीजा ऐसे विदेशी प्रोफेशनल्स के लिए जारी किया जाता है जो किसी 'खास' काम में कुशल होते हैं. इसके लिए आम तौर पर उच्च शिक्षा की जरूरत होती है. कंपनी में नौकरी करने वालों की तरफ से H1-B वीजा के लिए इमीग्रेशन विभाग में आवेदन करना होता है. ये व्यवस्था साल 1990 में तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने शुरू की थी.

0
Loading...

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
फिल्म Bazaar और Kaashi का Filmy Postmortem

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi