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G7 सम्मेलन: कई देशों में अमेरिका के खिलाफ गुस्सा, कार्रवाई करने की दी चेतावनी

बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पर उंगलियां उठाई गईं और कहा गया कि वे एकतरफा कार्रवाई कर व्यापार प्रणाली को कमजोर कर रहे हैं

Updated On: Jun 10, 2018 04:28 PM IST

Bhasha

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G7 सम्मेलन: कई देशों में अमेरिका के खिलाफ गुस्सा, कार्रवाई करने की दी चेतावनी

अमेरिका सहित G7 समूह देशों के नेताओं की कनाडा में शिखर बैठक संपन्न हो गई. नेताओं ने अपने साझा वक्तव्य में व्यापार संक्षणवाद का मुकाबला करने और व्यापार की राह में मुश्किलें कम करने पर जोर दिया.

यह बैठक ऐसे समय हुई है जब दुनियाभर के कई देश अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीति से खफा हैं. ट्रंप ने यूरोपीय यूनियन, कनाडा और अन्य देशों से स्टील और एल्युमीनियम के आयात पर ऊंचा शुल्क थोप दिया है.

इसके विपरीत ट्रंप का कहना है कि यूरोपीय संघ, कनाडा और चीन सहित कई देशों ने अमेरिका के नरम नियमों का फायदा उठाया और अपने बाजारों को बचा कर रखा. वे इन देशों पर बाजार की मुश्किलें खत्म करने का दबाव दे रहे हैं.

G7 की घोषणा में संगठन के अंदर मतभेदों पर पर्दा डालने का प्रयास दिखता है. रपटों के मुताबिक दो दिन की चर्चा में अमेरिका और मेजबान कनाडा और यूरोपीय यूनियन के नेताओं के बीच तीखी बहस हुई. आपसी एकता दिखाने के बावजूद कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो ने कहा कि वह स्टील और एल्युमीनियम पर अमेरिकी शुल्क के जवाब में अमेरिकी सामानों पर शुल्क लगाने की अपने घोषणा पर आगे बढ़ेंगे.

ईरान के खिलाफ एकजुट कई देश

आठ पेज के घोषणा पत्र में ईरान के एटमी कार्यक्रम का भी जिक्र किया गया है और G7 ने संकल्प किया है कि वे मिल कर यह तय करेंगे ईरान ‘कभी भी एटमी हथियार की तलाश, विकास या उसे न पा सके.’ समूह ने रूस से मांग की है कि वह ‘पश्चिमी लोकतांत्रिक देशों की जड़ खोदने की कोशिश बंद करे.’

G7 समूह के देशों ने माना है कि जलावायु परिवर्तन और उससे निपटने को लेकर समूह के अंदर मतभेद है. गौरतलब है कि ट्रंप ने अमेरिका को पेरिस समझौते से अलग कर लिया है.

बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप पर उंगलियां उठाई गईं और कहा गया कि वे एकतरफा कार्रवाई कर व्यापार प्रणाली को कमजोर कर रहे हैं. बैठक में घोषणा पत्र को इस मामले में नरम बनाते हुए ‘नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रणाली की भूमिका को बहुत ही महत्वपूर्ण बताया गया है.’ वक्तव्य में विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में तेजी से सुधार के लिए दबाव बनाने का संकल्प किया गया. गौरतलब है कि ट्रंप डब्ल्यूटीओ को अपने देश के लिए ‘आपदा’ करार देते रहे हैं.

फोटो पीटीआई से

फोटो पीटीआई से

अमेरिका को करारा जवाब देने की तैयारी

ट्रुडो ने कनाडा में बैठक के बाद कहा कि ‘इस हफ्ते के अंत में हमने जो किया वह यह है कि हम इकठ्ठा हुए, जम कर बैठे और एक-एक वक्तव्य तय किया जिस पर हम सभी सहमत हो सकते थे.’ जाहिर है ‘राष्ट्रपति ( ट्रंप) अब भी वह बोलते रहेंगे जो उन्हें बोलना है.’ उनका संकेत ट्रंप के उन व्यापार फैसलों की ओर था जिनमें अमेरिका राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर कई मेटल पर चार्ज लगा दिए गए हैं.

मेजबान प्रधानमंत्री ने साथ में यह भी कहा कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति से कह दिया है कि ‘यह अच्छा नहीं होगा पर हम इस बात को लेकर बिल्कुल स्पष्ट हैं कि अमेरिका ने हमारे खिलाफ गलत तरीके से जो शुल्क लगाए हैं, हम उनके खिलाफ भी एक जुलाई को उसी के बराबर के शुल्क लागू करने की कार्रवाई करेंगे. ट्रंप यहां से जल्दी निकल गए. उन्हें मंगलवार को उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से मिलना है.

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