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खशोगी की मौत में नया मोड़, सऊदी दूतावास से राजकुमार सलमान के कार्यालय में किए गए थे 4 फोन

जिस दिन खशोगी की मौत हुई थी, उसी दिन इस्तांबुल में सऊदी वाणिज्य दूतावास से शाही कार्यालय में चार कॉल किए थे.

Updated On: Oct 22, 2018 06:35 PM IST

FP Staff

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खशोगी की मौत में नया मोड़, सऊदी दूतावास से राजकुमार सलमान के कार्यालय में किए गए थे 4 फोन

सऊदी अरब ने पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या की पुष्टी कर दी है. हालांकि अब पत्रकार की मौत को लेकर नई बात सामने आई है. एक सरकारी तुर्की समाचार पत्र के मुताबिक जिस दिन खशोगी की मौत हुई थी, उसी दिन सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के सर्कल के एक सदस्य ने इस्तांबुल में सऊदी वाणिज्य दूतावास से शाही कार्यालय में चार कॉल किए थे.

येनी सफक की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस और स्पेन की यात्रा पर राजकुमार मोहम्मद के सर्कल के सदस्य माहेर अब्दुलाजिज मुरेब ने वाणिज्य दूतावास से कॉल की थी. समाचार पत्र ने कहा कि चार कॉल प्रिंस मोहम्मद के कार्यालय के प्रमुख बदर अल-असकर के पास गईं. यह भी कहा गया कि एक अन्य कॉल संयुक्त राज्य अमेरिका गई.

तुर्की समाचार पत्र की ये रिपोर्ट एक दिन पहले आई है जब रियाद और तुर्की में राजकुमार मोहम्मद का हाई प्रोफाइल निवेश शिखर सम्मेलन शुरू होना है. वहीं तुर्की के राष्ट्रपति रसेप तय्यिप एर्दोगान ने दावा किया है कि खशोगी की हत्या का ब्योरा वो जल्द ही सबके सामने रखेंगे. तुर्की मीडिया की रिपोर्ट और अधिकारियों का कहना है कि 15 सदस्यीय सऊदी टीम 2 अक्टूबर को इस्तांबुल पहुंची थी, क्योंकि वे जानते थे कि खशोगी शादी करने के लिए आवश्यक दस्तावेज के लिए पहुंचने वाले थे.

खशोगी के एक सऊदी दोस्त जो उनकी मौत से पहले उनके साथ लगातार संपर्क में थे, ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि खशोगी पर यात्रा प्रतिबंध था और पिछले साल से ही उन्हें देश छोड़ने से भी मना किया गया था. वहीं तुर्की मीडिया के मुताबिक वाणिज्य दूतावास के पांच तुर्की कर्मचारियों ने सोमवार को अभियोजकों को साक्ष्य भी दिए. इस्तांबुल के मुख्य अभियोजक ने साक्ष्य देने के लिए तुर्की नागरिकों और विदेशी नागरिकों सहित सऊदी वाणिज्य दूतावास के 28 और कर्मचारियों के सदस्यों को बुलाया था. साथ ही कुछ तुर्की कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें निर्देश दिया गया था कि खशोगी के गायब हो जाने के दौरान काम पर न जाएं.

दरअसल जमाल खशोगी पिछले कुछ हफ्तों से लापता थे. उन्हें आखिरी बार इस्तांबुल के सऊदी अरब दूतावास में दाखिल होते हुए देखा गया था. यहां से उनके बाहर जाने का कोई प्रमाण मौजूद नहीं है. इस दौरान यह खबरें भी आईं कि उनकी हत्या कर दी गई है, लेकिन सऊदी लगातार इससे इनकार करता रहा. हालांकि खुद सऊदी अरब ने इस बात की पुष्टी कर दी कि जमाल खशोगी तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में स्थित सऊदी अरब के दूतावास में मारे गए हैं.

इस बात का संदेह

तुर्की के अधिकारियों को शक था कि जमाल खशोगी के शव को काटा गया था लेकिन सऊदी अधिकारी ने बताया कि खशोगी के शव को एक स्थानीय सहकर्मी को डिस्पोजल के लिए दे दिया गया था. यह पूछे जाने पर कि क्या खशोगी पर अत्याचार या फिर उनके सिर पर वार किया गया था? अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में इस बात के कोई सबूत नहीं मिले हैं. अधिकारी ने बताया कि इस मामले की जांच अभी भी जारी है. तुर्की के सूत्रों के मुताबिक तुर्की अथॉरिटी के पास घटना से जुड़ा एक ऑडियो क्लिप भी है लेकिन उसे अभी तक रिलीज नहीं किया गया है.

अधिकारी के ताजा बयान के मुताबिक सऊदी सरकार चाहती थी कि खशोगी एक अभियान का हिस्सा बनकर सऊदी वापस लौट आएं. दरअसल, सऊदी सरकार नहीं चाहती थी कि उनके दुश्मन देश सऊदी के लोगों को नौकरी दें. इसलिए वो एक अभियान शुरू करना चाहती थी और खशोगी को इस अभियान में शामिल होने के लिए मनाना चाहती थी. इसलिए 15 लोगों की एक टीम इस्तांबुल में स्थित सऊदी अरब के दूतावास भेजी गई.

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