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ब्रेक्जिट से अलग होने की शर्तों पर यूरोपीय यूनियन के मंत्रियों ने जताई सहमति

इस समय ईयू की अध्यक्षता ऑस्ट्रिया के पास है जो बारी बारी से अन्य सदस्य देशों के पास जाती है

Updated On: Nov 19, 2018 08:06 PM IST

FP Staff

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ब्रेक्जिट से अलग होने की शर्तों पर यूरोपीय यूनियन के मंत्रियों ने जताई सहमति

यूरोपीय मंत्रियों ने सोमवार को ब्रिटेन के अलग होने के करार के मसौदे को अंतिम रूप दे दिया. आने वाले समय में आखिरी हफ्ते की गहन बातचीत शुरू कर दी गई है. ब्रेक्जिट के वार्ताकार माइकल बार्नियर और यूरोपीय संघ की अध्यक्षता संभाल रहे ऑस्ट्रिया ने कहा कि बातचीत के मसले को रविवार को ईयू नेताओं के सामने पेश किया जाएगा.

इस समय ईयू की अध्यक्षता ऑस्ट्रिया के पास है जो बारी बारी से अन्य सदस्य देशों के पास जाती है. यूरोप के लिए ऑस्ट्रिया के मंत्री गर्नोट ब्लूमेल ने कहा, 'पहला कठिन चरण पूरा हुआ.' इस बीच ब्रेक्जिट के बाद के ब्रिटेन के साथ भविष्य के रिश्तों को लेकर बातचीत जारी है. ब्रिटेन अगले साल 29 मार्च को यूरोपीय संघ से अलग हो जाएगा, लेकिन 21 और महीनों के लिए उसके एकल बाजार में बना रहेगा.

इससे पहले ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने रविवार को अपनी कंजर्वेटिव पार्टी के बागी सांसदों को चेतावनी दी थी कि अगर उन्हें नेता के पद से हटाया जाता है तो ब्रेग्जिट के बाद यूरोपीय संघ के साथ ब्रिटेन के भावी संबंधों पर बातचीत करना कठिन हो जाएगा. गौरतलब है कि ब्रिटेन राजनीतक संकट से जूझ रहा है क्योंकि इस हफ्ते 28 सदस्यीय यूरोपीय संघ से हटने से संबंधित समझौता हो जाने की घोषणा की जा चुकी है.

इससे पहले थेरेसा मे बता चुकी हैं कि ब्रिटेन 29 मार्च, 2019 को रात 11 बजे (स्थानीय समयानुसार) यूरोपीय संघ से अलग हो जाएगा. थेरेसा ने कहा कि यूरोपीय संघ से अलग होने संबंधी विधेयक में संशोधन किया जाएगा जिससे ब्रेग्जिट की तिथि और समय को लेकर प्रतिबद्धता जताई जाए.

उन्होंने समाचार पत्र 'द डेली टेलीग्राफ' में लिखे एक लेख में कहा था, 'हमारी कमिटमेंट को लेकर किसी तरह का संदेह नहीं करें या हमारे संकल्प को लेकर किसी तरह का सवाल नहीं करें. ब्रेग्जिट हो रहा है. यह ऐतिहासिक विधेयक के पहले पन्ने पर स्पष्ट रूप से अंकित है.' पिछले साल जून में जनमत संग्रह के बाद ब्रेग्जिट की प्रक्रिया शुरू हुई है.

दरअसल, लिस्बन संधि के अनुच्छेद 50 के अनुमोदन के बाद से दो साल के भीतर ब्रेग्जिट की प्रक्रिया को पूरा होना है. इस अनुच्छेद का इस साल 29 मार्च को अप्रूवल हुआ था. थेरेसा ने लिखा था, 'हम किसी को भी इस विधेयक के संशोधन की प्रक्रिया का इस्तेमाल लोकतांत्रिक आकांक्षाओं को बाधित करने के प्रयास के तौर पर करने को बर्दाश्त नहीं करेंगे.' प्रधानमंत्री का यह बयान उस वक्त आया है जब हाल ही में पूर्व राजनयिक लॉर्ड केर ने कहा कि ब्रेग्जिट की प्रक्रिया को आखिरी समय पर पलटा जा सकता है.

(भाषा इनपुट के साथ)

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