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मालदीव में इमरजेंसी: राष्ट्रपति ने SC का आदेश मानने से किया इनकार

राष्ट्रपति यामीन अब्दुल गयूम ने अदालत को लिखे एक पत्र में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने सरकार की शक्तियों का अतिक्रमण किया और यह राष्ट्रीय सुरक्षा और जनहित का उल्लंघन है

FP Staff Updated On: Feb 05, 2018 10:19 PM IST

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मालदीव में इमरजेंसी: राष्ट्रपति ने SC का आदेश मानने से किया इनकार

मालदीव में राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है. राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मानने से इनकार कर दिया है, जिसके बाद वहां पर आपातकाल की घोषणा कर दी गई है. मालदीव के कानून मंत्री अजीमा शुकुर ने आपातकाल की घोषणा की.

सरकार ने 15 दिन के लिए इमरजेंसी का ऐलान किया है.इस आदेश के बाद सुरक्षाकर्मियों को किसी भी संदिग्‍ध को गिरफ्तार करने की अतिरिक्‍त ताकत मिली है. सरकार संसद को पहले ही सस्‍पेंड कर चुकी है. साथ ही राष्‍ट्रपति अब्‍दुल्‍ला यामीन पर महाभियोग लाने के सुप्रीम कोर्ट के किसी भी कदम को रोकने के लिए सेना को आदेश दिया गया है.

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राष्‍ट्रपति मोहम्‍मद नशीद के खिलाफ ट्रायल को असंवैधानिक करार दिया था. इसके अलावा विपक्ष के नौ सांसदों को रिहा करने का आदेश भी जारी किया था. इसके चलते सरकार और सुप्रीम कोर्ट के बीच तकरार बढ़ गई थी.

राष्ट्रपति यामीन अब्दुल गयूम ने अदालत को लिखे एक पत्र में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने सरकार की शक्तियों का अतिक्रमण किया और यह राष्ट्रीय सुरक्षा और जनहित का उल्लंघन है. उन्होंने अदालत से सरकार की चिंताओं पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया. यह पत्र उनके कार्यालय द्वारा जारी किया गया है.

इधर, मालदीव में इमरजेंसी के ऐलान के बाद भारत ने अपने नागरिकों के लिए ट्रेवल एडवायजरी जारी की है. इसमें मालदीव जाने से बचने को कहा गया है.

इससे पहले, कानून मंत्री अजीमा शकूर ने कहा कि ‘सरकार यह नहीं मानती है कि राजनीतिक बंदियों को रिहा करने के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को लागू किया जा सकता है.’ सरकार का यह बयान ऐसे वक्त पर आया है जब पिछले सप्ताह सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दिया था कि विरोधी नेताओं को दोषी ठहराने वाले फैसले राजनीति रूप से प्रेरित हैं.

न्यायालय के फैसले के बाद विपक्षी समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और सरकार से आदेश पर अमल का आग्रह किया. बीते गुरूवार और शुक्रवार को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी. वहीं, संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका सहित कई देशों ने मालदीव की सरकार से कहा है कि वह न्यायालय के आदेश का सम्मान करे.

(साभार: न्यूज़18)

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