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अमेरिका: 'कॉमा' नहीं लगाने पर लगा 32 करोड़ रुपए का जुर्माना

ओकहर्स्ट डेयरी कंपनी के ड्राइवरों ने 2014 में एक मुकदमा दायर किया था, जिसमें उन्होंने 1 करोड़ डॉलर यानी करीब 64 करोड़ रुपए जुर्माने की मांग की थी

FP Staff Updated On: Feb 11, 2018 04:34 PM IST

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अमेरिका: 'कॉमा' नहीं लगाने पर लगा 32 करोड़ रुपए का जुर्माना

अमेरिका में एक कंपनी को कॉमा ना लगाने की बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ी है. भाषा में गलती कितनी बड़ी सजा हो सकती है, इसका एक ताजा उदाहरण अमेरिका में एक कंपनी पर लगा जुर्माना है. अमेरिका के मेयेन में एक डेयरी कंपनी को बस एक कॉमा न लगाने की कीमत 50 लाख डॉलर यानी करीब 32 करोड़ रुपए देकर चुकानी पड़ी.

ओकहर्स्ट डेयरी कंपनी के ड्राइवरों ने 2014 में एक मुकदमा दायर किया था, जिसमें उन्होंने 1 करोड़ डॉलर यानी करीब 64 करोड़ रुपए जुर्माने की मांग की थी. इस केस के सिलसिले में अदालत में गुरुवार को दाखिल किए गए दस्तावेजों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच करीब 32 करोड़ रुपए पर समझौता हुआ.

दरअसल मामला कंपनी और ड्राइवर के बीच ओवरटाइम के नियमों को लेकर था. कंपनी के नियम में लिखा था- "कैनिंग, प्रोसेसिंग, प्रिज़र्विंग, फ्रीज़िंग, ड्रॉइंग, मार्केटिंग, स्टोरिंग, पैकिंग फॉर शिपमेंट ऑर डिस्टीब्यूशन ऑफ" फूड्स.

असहमति इस बात पर थी कि "packing for shipment or distribution" में कोई भी ऑक्सफोर्ड कॉमा नहीं है. ड्राइवरों का कहना था कि इसमें पैकिंग और शिपिंग की बात कही गई है पर वो इस तरह का कोई भी काम नहीं करते हैं.

किसी वाक्य में जब तीन या उससे ज्यादा चीजें होती हैं और उसे कॉमा के माध्यम से अलग करना होता है तो अंतिम आइटम से पहले लगने वाले कॉमा को 'ऑक्सफोर्ड कॉमा' कहते हैं.

ऑक्सफोर्ड कॉमा के बिना 'packing for shipment or distribution,'. वाक्य में पैकिंग और शिपमेंट दो काम के बजाय एक ही काम के रूप में माना जायेगा.

ड्राइवरों का कहना है कि ये दो काम के बजाय एक ही काम करने को दिखाता है, लेकिन चूंकि हम लोग पैकिंग नहीं करते इसलिए हमें ओवरटाइम मिलना चाहिए.

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