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खशोगी की हत्या के लिए सऊदी अरब के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लेंगे ट्रंप, बताई ये वजह

ट्रंप ने कहा है कि सऊदी अरब के साथ रणनीतिक संबंध बनाए रखना और तेल की वैश्विक कीमतों पर लगाम लगाए रखना अमेरिका के सर्वश्रेष्ठ हित में है

Updated On: Nov 21, 2018 11:51 AM IST

Bhasha

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खशोगी की हत्या के लिए सऊदी अरब के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लेंगे ट्रंप, बताई ये वजह

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वो पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या के लिए सऊदी अरब के शासकों को जिम्मेदार नहीं ठहराएंगे, न ही उनके खिलाफ कोई एक्शन लेंगे.

ट्रंप ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि सऊदी अरब के साथ रणनीतिक संबंध बनाए रखना और तेल की वैश्विक कीमतों पर लगाम लगाए रखना अमेरिका के सर्वश्रेष्ठ हित में है.

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस के आलोचक और अमेरिका में रह रहे खशोगी की हत्या को लेकर दुनिया भर में सऊदी अरब और उसके शासकों के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया हुई थी.

अमेरिका ने इस्तांबुल स्थित सऊदी अरब के वाणिज्य दूतावास में खशोगी की हत्या में भूमिका के लिए वहां के 17 लोगों पर पिछले सप्ताह प्रतिबंध लगाया था.

ट्रंप ने अपने फैसले पर कहा, ‘ऐसा इसलिए क्योंकि मेरे लिए अमेरिका पहले आता है.’ उन्होंने कहा कि खशोगी की हत्या के बावजूद अमेरिका अपने हित साधने और उस क्षेत्र में मौजूद इज़राइल और अन्य सहयोगियों के हितों के लिए सऊदी अरब का मित्र बना रहेगा.

ट्रंप ने कहा, ‘हमारा महत्वपूर्ण लक्ष्य पूरी दुनिया से आतंकवाद के खतरे को खत्म करना है.’ खशोगी मामले को लेकर ट्रंप के बयान की विपक्ष कटु आलोचना कर रहा है.

डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर डिएन फिन्स्टिन ने कहा, ‘मुझे यह जानकार सदमा लगा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या के लिए क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को कोई सजा नहीं मिलेगी.’

सीनेटर और डेमोक्रेटिक पार्टी के कई अन्य सांसदों ने सऊदी अरब को हथियार बेचने के लिए होने वाले सौदे को रोकने के लिए प्रस्ताव लाने की घोषणा की है.

थैंक्सगिविंग की छुट्टियों में फ्लोरिडा जाने से पहले व्हाइट हाउस में संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा कि उनका फैसला ‘अमेरिका फर्स्ट’ के सिद्धांत पर है.

उन्होंने कहा, ‘हम सैकड़ों अरब डॉलर के सौदे को यूं ही नहीं छोड़ सकते हैं और उसे रूस और चीन और बाकी सभी के हिस्से में नहीं जाने दे सकते. बेहद साधारण सी बात है. मेरे लिए ‘अमेरिका फर्स्ट’ है.’

उन्होंने कहा, ‘यदि हम सऊदी अरब से संबंध तोड़ लेंगे तो मुझे लगता है कि तेल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी. मैंने उन्हें नीचे रखा है. उन्होंने इसे नीचे रखने में मेरी मदद की है. तुलनात्मक रूप से तेल की कीमतें कम हैं और मैं उसे और नीचे जाते हुए देखना चाहता हूं.’

ट्रंप ने दलील दी, ‘मुझे लगता है कि 'मेरे लिए यह बहुत सीधा फॉर्मूला है. मेरा लक्ष्य है- मेक अमेरिका ग्रेट अगेन. और मेरे लिए अमेरिका फर्स्ट है.'

उन्होंने इस संबंध में मानवाधिकार के उल्लंघन को बर्दाश्त करने के आरोपों को भी खारिज किया.

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