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ट्रंप के बयान पर पाकिस्तान ने जताया विरोध, अमेरिकी राजदूत को भेजा समन

ट्रंप ने कहा कि ओसामा को और पहले ही पकड़ लिया जाना चाहिए था, लेकिन उनसे पहले के अमेरिकी राष्ट्रपतियों और पाकिस्तान के कारण ऐसा नहीं हो पाया

Updated On: Nov 20, 2018 02:54 PM IST

FP Staff

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ट्रंप के बयान पर पाकिस्तान ने जताया विरोध, अमेरिकी राजदूत को भेजा समन

आतंकी ओसामा बिन लादेन को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से पाकिस्तान को लताड़ लगाए जाने के बाद अब पाकिस्तान ने भी अमेरिका पर जवाबी कार्रवाई की है. पाकिस्तान ने मंगलवार को डोनाल्ड ट्रंप के बयान का  विरोध करते हुए इस्लामाबाद में अमेरिकी राजदूत को समन भेजा है.

दरअसल इससे पहले आतकंवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को लताड़ते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तना ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया. उन्होंने कहा कि अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन जैसा खूंखार आतंकी इनके यहां छिपा हुआ था, लेकिन बेवकूफों ने कभी नहीं बताया. इस खूंखार आतंकी ने अमेरिका में 11 सितंबर, 2001 को हुए सबसे भीषण आतंकी हमलों की साजिश कर सैकड़ों निर्दोष लोगों की जान ले ली.

ट्रंप ने कहा कि ओसामा को और पहले ही पकड़ लिया जाना चाहिए था, लेकिन उनसे पहले के अमेरिकी राष्ट्रपतियों और पाकिस्तान के कारण ऐसा नहीं हो पाया.

ट्रंप ने ये बात एक ट्वीट के जरिए कही. उन्होंने लिखा 'हमें ओसामा को पहले ही पकड़ लेना चाहिए था. वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले के पहले मैंने इसका ज़िक्र अपनी किताब में किया था. हमने पाकिस्तान को अरबों डॉलर दिए, लेकिन उन्होंने हमें कभी नहीं बताया कि ओसामा उनके देश में रह रहा है. बेवकूफ!'

क्यों रोकी पाकिस्तान को दी जाने वाली अरबों डॉलर की सहायता?

इससे पहले अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली अरबो डॉलर की सहायता को रोक दिया था. इस पर व्हाइट हाउस ने कहा है कि ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान की सुरक्षा सहायता इसलिए रोक दी क्योंकि वह अपनी सीमा के भीतर आतंकवादियों के पनाहगाह की समस्या को हल करने में विफल रहा.

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि, 'ट्रंप प्रशासन हमेशा से पाकिस्तानी  नेताओं को ये स्पष्ट करता आया है कि वे उनसे अपेक्षा करते है कि वह पाकिस्तान में आतंकवादियों के पनाहगाह की समस्या को हल करेंगे'

अधिकारी ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर कहा, ‘ पाकिस्तान समस्या का समाधान करने में विफल रहा, इसलिए प्रशासन ने सुरक्षा सहायता रोक दी.’

ट्रंप का आरोप- आंतकवाद के खिलाफ कुछ नहीं कर रहा पाकिस्तान

इससे पहले रविवार को फॉक्स न्यूज को दिए गए इंटरव्यू में और सोमवार को दो ट्वीटों में ट्रंप ने कहा था कि पाकिस्तान अमेरिका के लिए कुछ भी नहीं कर रहा है.

उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान जानता था कि ओसामा बिन लादेन ऐबटाबाद में एक भवन में रह रहा है, लेकिन पाकिस्तान को दी गई सारी सहायता बेकार गई. उसे प्रतिवर्ष 1.3 अरब डॉलर की सुरक्षा सहायता दी जा रही थी.

इमरान खान ने दिया जवाब

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने जवाब में एक ट्वीट में कहा कि उनके देश ने अमेरिका की तरफ से आतंकवाद से लड़ते हुए काफी कुछ भुगता है. उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, ‘अब हम अपने लोगों और हमारे हित में जो बेहतरीन होगा वह करेंगे.’

पिछले कई सालों से पाकिस्तान को दी जाने वाली सभी सहायता में कटौती की मांग कर रहे सीनेटर रैंड पॉल ने ट्रंप के फैसले का समर्थन किया.

उन्होंने ट्रंप के पोस्ट को रीट्वीट करते हुए कहा, ‘मैं पूरी तरह सहमत हूं. इसलिए हमें पाकिस्तान पर पूरी तरह दबाव बनाना चाहिए कि वह ईसाई महिला आसिया बीबी को अमेरिका में शरण लेने दे.’ पॉल ने ट्रंप से आसिया बीबी को राजनीतिक शरण और शरणार्थी का दर्जा देने का आग्रह किया है.

(भाषा से इनपुट)

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