S M L

माइकल फ्लिन के अमेरिकी एनएसए होने के मायने

डोनाल्ड ट्रंप और माइकल फ्लिन में कुछ मायनों में ज्यादा फर्क नहीं है.

Updated On: Nov 21, 2016 10:18 AM IST

FP Staff

0
माइकल फ्लिन के अमेरिकी एनएसए होने के मायने

अमेरिका के अगले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पारी खेलनी शुरू कर दी है. चुनाव के दौरान कही गई ट्रंप की बातें अब एक्शन में बदल रही हैं.

ट्रंप ने अपने चुनावी अभियान के दौरान ही 'इस्लामिक आतंकवाद' पर अपना रुख पूरी तरह साफ कर दिया था. ट्रंप ने कहा था कि, अगर वो राष्ट्रपति बनते हैं तो अमेरिका में मुस्लिमों की एंट्री बंद कर देंगे.

बीबीसी के अनुसार, ट्रंप चुनावी अभियान के दौरान उनके सुरक्षा सलाहकार रहे रिटायर्ड आर्मी लेफ्टिनेंट जनरल माइकल फ्लिन को अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पद की बागडोर देने वाले है.

फ्लिन के बारे में दुनिया भर के अखबारों में लगभग एक सी राय है. द न्यूयार्क टाइम्स ने फ्लिन के बारे में कुछ यूं राय रखी है.

'माइकल फ्लिन वहीं हैं जिन्होंने बराक ओबामा को उनकी आईएसआईएस को नेस्तानाबूद करने की नीतियों पर झूठा ठहराया था. उन्होंने हिलेरी को जेल भेजे जाने की मांग भी की थी और मास्को में रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बगल में बैठकर भाषण दिया था.'

फ्लिन ट्रंप के समर्थकों में भी उतने ही लोकप्रिय है जितने कि खुद ट्रंप. बीबीसी बताता है कि, फ्लिन और ट्रंप कुछ मामलों में बिल्कुल एक जैसी सोच रखते हैं. ट्रंप की तरह ही फ्लिन भी मुस्लिम विरोधी बयान देते रहे हैं.

उनका कहना था कि, अमेरिका में शरिया तेजी से बढ़ रहा है, अमेरिका इस्लामिक उग्रवादियों से लड़ाई के छोर पर है और अमेरिका को कट्टरपंथी इस्लामिक आतंकवादियों से खतरा है, वगैरह-वगैरह.

MichaelFlynn

सीएनएन ने फ्लिन के परिचय में उन्हें ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर बिना किसी आधार की खबरें और मुस्लिम आस्था के खिलाफ बातें साझा करने वाला कहा है.

वॉक्स डॉट कॉम ने फ्लिन को बिल्कुल ट्रंप की तरह बातें करने वाला बताया है.

ट्रंप की जब नाटकीय जीत हुई थी तो फ्लिन ने कहा था कि हमने अभी-अभी एक क्रांति देखी है. फ्लिन ने ट्रंप की जीत को जॉर्ज वॉशिंगटन के बाद दूसरी ऐतिहासिक जीत बताया था.

फ्लिन अबतक हर बड़े मौके पर ट्रंप के साथ रहे हैं. हाल ही में ट्रंप की जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ मुलाकात में भी फ्लिन ट्रंप के साथ थे. जाहिर है फ्लिन की नीतियों ने ही उन्हें ट्रंप का भरोसेमंद बनाया है. ट्रंप ने उस आदमी को चुना है जो उनके साथ कदम मिलाकर चलेगा और जरुरत पड़ने पर उन्हें रास्ता भी दिखाएगा.

यह करीबी बताती है कि भविष्य में वाइट हाउस से कुछ बड़े फैसले निकलकर आ सकते हैं. ट्रंप राष्ट्रपति पद संभालने के बाद अपने रवैये में कुछ बदलाव लाते हैं या नहीं, यह पहलू भी घटनाओं को नाटकीय मोड़ दे सकता है.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
KUMBH: IT's MORE THAN A MELA

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi