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मुंबई आतंकी हमले की जांच में देरी की आलोचना करने पर अदालत ने शरीफ को किया समन

याचिका में पूर्व प्रधानमंत्री पर इस बात का दावा करने के लिए कार्रवाई की मांग की गई है कि 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले में संलिप्त लोग पाकिस्तान के थे

Updated On: Sep 24, 2018 10:40 PM IST

Bhasha

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मुंबई आतंकी हमले की जांच में देरी की आलोचना करने पर अदालत ने शरीफ को किया समन

सोमवार को लाहौर हाई कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को आठ अक्टूबर को अदालत के समक्ष उपस्थित होने के लिए तलब किया. याचिका में पूर्व प्रधानमंत्री पर इस बात का दावा करने के लिए कार्रवाई की मांग की गई है कि 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले में संलिप्त लोग पाकिस्तान के थे.

शरीफ ने मई में ‘डॉन’ को दिए साक्षात्कार में पहली बार सार्वजनिक तौर पर स्वीकार किया था कि पाकिस्तान में आतंकवादी संगठन सक्रिय हैं. इसी दौरा राज्य प्रायोजित आतंंकियों को सीमा पार करने और मुंबई में लोगों की हत्या करने की अनुमति दिए जाने पर सवाल खड़े किए थे. साक्षात्कार में उन्होंने मुंबई आतंकवादी हमले की सुनवाई में देरी की भी आलोचना की थी.

जस्टिस सैयद मजहर अली अकबर नकवी की अध्यक्षता में लाहौर हाई कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने डॉन के पत्रकार सीरिल अलमीडा को गैर जमानती वारंट जारी किया और उनका नाम एक्जिट कन्ट्रोल लिस्ट में डालने के आदेश दिए. अदालत के एक अधिकारी ने कहा, ‘जस्टिस नकवी ने अलमीडा के अदालत में पेश नहीं होने पर नाखुशी जताई और पंजाब पुलिस के उप महानिरीक्षक को निर्देश दिया कि सुनवाई की अगली तारीख  को उन्हें अदालत में पेश करें.’

जस्टिस ने शरीफ को आठ अक्टूबर को समन करने से पहले भी शरीफ के वकील नासिर भुट्टा से पूछा कि क्यों उनके मुवक्किल सोमवार को अदालत के समक्ष पेश नहीं हुए.

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