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चीन: शी जिनपिंग के राष्ट्रपति बनने के धार्मिक लोगों पर हमले बढ़े चीन

न में पांच धर्मों को आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त है- चीनी बौद्ध धर्म, इस्लाम, कैथोलिक-ईसाई, प्रोटेस्टेंट-ईसाई और ताओवाद

FP Staff Updated On: May 14, 2018 05:38 PM IST

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चीन: शी जिनपिंग के राष्ट्रपति बनने के धार्मिक लोगों पर हमले बढ़े चीन

चीन अपने संविधान के अनुच्छेद 36 के तहत अपने नागरिकों को किसी भी धर्म को मानने की आजादी देता है और यह कहता है कि किसी भी व्यक्ति के साथ उसके धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाएगा. समाचार एजेंसी एनआई ने अमेरिका स्थित चाइना-एड नामक संस्था के हवाले से खबर दी है कि शी जिनपिंग के कार्यकाल में किसी भी धर्म को मानने वाले लोगों पर अत्याचार बढ़े हैं. चीन में पांच धर्मों को आधिकारिक रूप से मान्यता प्राप्त है- चीनी बौद्ध धर्म, इस्लाम, कैथोलिक-ईसाई, प्रोटेस्टेंट-ईसाई और ताओवाद.

चाइना-एड नामक संस्था एक गैर-लाभकारी ईसाई संस्था है. इस संस्था ने इस साल चीन में धार्मिक लोगों की स्थिति पर जो रिपोर्ट दी है, उसके अनुसार चीन में धमकी, डराना, उत्पीड़न करना, गिरफ्तार करना, संपत्ति जब्त करना, बंदी बनाना और शारीरिक हिंसा जैसी घटनाएं धार्मिक लोगों के साथ आम हैं.

पिछले साल 1265 ऐसे मामले आए जिसमें धार्मिक लोगों को उत्पीड़ित किया गया है. यह पिछले साल के मुकाबले 66 फीसदी अधिक है. करीब 223200 चर्च के सदस्यों और करीब 1900 चर्च के नेताओं को सताया गया है. 2016 के मुकाबले इस तरह की घटनाओं में 3.5 गुनी बढ़ोतरी हुई है. इनमें से करीब 3700 लोगों को हिरासत में भी लिया गया है. चाइना-एड ने कहा कि यह सिर्फ प्राथमिक आंकड़े हैं और यह संख्या इससे 30 गुनी तक अधिक हो सकती है. इसके साथ-साथ चीन के मुस्लिम-बहुल प्रांत शीनजियांग में उघेयुर मुस्लिमों के साथ भी अत्याचार के मामले बढ़े हैं. ह्यूमन राइट वाच के अनुसार करीब 80000 मुसलमान चीन में बंदी हैं.

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