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डोकलाम: चीनी मीडिया अब अजीत डोभाल के पीछे पड़ा, बताया विवाद का साजिशकर्ता

चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स के संपादकीय में अजीत डोभाल के आगामी दौरे पर टिप्पणी की गई है

FP Staff Updated On: Jul 25, 2017 01:08 PM IST

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डोकलाम: चीनी मीडिया अब अजीत डोभाल के पीछे पड़ा, बताया विवाद का साजिशकर्ता

चीनी मीडिया लगातार डोकलाम विवाद को लेकर भारत पर हमला कर रहा है. इस बार चीन ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को निशाने पर लिया है. चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि चीनी और भारतीय सेना के बीच वर्तमान सीमा गतिरोध के पीछे अजीत डोभाल मुख्य 'साजिशकर्ताओं' में से एक हैं.

अखबार ने लिखा, 'सीमा पर चीनी भारतीय सेना के गतिरोध के पीछे डोभाल ही हैं और भारतीय मीडिया ऐसा माहौल बना रहा है कि जैसे उनकी यात्रा से दोनों देशों के बीच सब ठीक हो जाएगा.' डोभाल 27 जुलाई को एनएसए स्तर की बैठक में हिस्सा लेने बीजिंग जाएंगे.

ग्लोबल टाइम्स ने लिखा, बीजिंग इस बात पर अडिग है कि दोनों पक्षों के बीच सार्थक बातचीत के लिए पहली शर्त चीनी क्षेत्र से भारत का पीछे हटना है. जब तक भारतीय सेना बिना शर्त पीछे नहीं हटती तब तक चीनी भारत के साथ बातचीत नहीं करेगा. नई दिल्ली को इस भ्रम में नहीं रहना चाहिए और निश्चित तौर पर डोभाल का बीजिंग दौरा दोनों देशों के बीच मामला सुलझाने का मौका नहीं है.

अखबार में लिखा है कि ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक एक नियमित कांफ्रेंस है जो ब्रिक्स सम्मेलन से पहले की तैयारी के लिए होती है. यह भारत-चीन सीमा विवाद को संबोधित करने का मंच नहीं है.

चीन की कार्रवाई इतनी कड़ी होगी की भारत सोच भी नहीं सकता

लेख में कहा गया कि चीनी सेना इतने कड़ी कार्रवाई कर सकती है जो भारतीय सरकार और सेना सोच भी नहीं सकते हैं. हमें नहीं लगता कि भारत चीन के साथ सैन्य संघर्ष के लिए इच्छुक और तैयार है. अगर भारत इस रास्ते को चुनता है तो चीन अपनी रक्षा करने के लिए पूरी तरह सक्षम है. नई दिल्ली को इसके लिए भारी कीमत चुकानी होगी.

इससे पहले चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा था कि डोभाल और यांग के बीच वार्ता का दरवाजा खुले होने के बारे वह पुष्टि नहीं कर सकते लेकिन ब्रिक्स एनएसए की पहले की बैठकों में अधिकारियों ने द्विपक्षीय बैठकें की हैं. लू की टिप्पणी के पहले चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता वू क्विन ने जोर दिया कि चीन किसी भी कीमत पर अपने सुरक्षा हितों की रक्षा करेगा और जोर दिया कि भारत को कोई अवास्तविक भ्रम नहीं पालना चाहिए.

(साभार: न्यूज़18 हिंदी)

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