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मालदीव में भारत के सैन्य हस्तक्षेप के खिलाफ है चीन

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शोउंग ने कहा कि विश्व समुदाय को मालदीव की संप्रभुता का खयाल रखते हुए रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए ताकि स्थिति और जटिल न हो

Updated On: Feb 07, 2018 04:48 PM IST

FP Staff

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मालदीव में भारत के सैन्य हस्तक्षेप के खिलाफ है चीन

चीन ने बुधवार को मालदीव में किसी भी तरह के बाहरी सैनिक हस्तक्षेप का विरोध किया है. चीन ने कहा है कि इससे संकट और गहरा हो सकता है. चीन का यह बयान तब आया है जब मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने भारत से इस संकट के समाधान की अपील की है.

दरअसल चीन नहीं चाहता है कि भारत मालदीव मामले में कोई हस्तक्षेप करे. इससे पहले मालदीव की सरकार और सुप्रीम कोर्ट के बीच जारी टकराव के कारण वहां पैदा हुए संकट के बीच भारत सरकार के सूत्रों ने संकेत दिए कि भारत इस मामले में मानक संचालन प्रक्रिया, स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिड्योर (एसओपी) का पालन कर सकता है, जिसमें सेना को तैयार रखना शामिल है. मालदीव के हालात देखकर ‘परेशान’ भारत एसओपी के तहत पहले ही यात्रा परामर्श जारी कर चुका है, लेकिन अधिकारियों ने सेना को तैयार रखने से जुड़े अहम पहलू की पुष्टि नहीं की थी.

सूत्रों ने कहा कि दक्षिण भारत के एक प्रमुख एयरबेस पर सैनिकों की गतिविधियां देखी जा रही हैं. उन्होंने कहा कि एसओपी के मुताबिक, किसी आकस्मिक स्थिति या संकट से निपटने के लिए सैनिकों को पूरी तरह तैयार रखा जाता है. ऐसे एसओपी में कुछ भी असामान्य नहीं होता.

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शोउंग ने कहा कि विश्व समुदाय को मालदीव की संप्रभुता का खयाल रखते हुए रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए ताकि स्थिति और जटिल न हो.

मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति नशीद फिलहाल श्रीलंका में निर्वासित जीवन जी रहे हैं. जब गेंग से यह पूछा गया कि जब मालदीव के राष्ट्रपति यमीन ने सुप्रीम कोर्ट के जजों और पूर्व राष्ट्रपति मामून अब्दुल गयूम को जेल में डाल रखा है तो ऐसे में समझौता कैसे होगा, तो गेंग ने कहा कि सभी पक्षों को मिलकर अंदरुनी तौर पर हल निकालना चाहिए.

गेंग ने कहा कि चीन का पक्ष साफ है और उन्हें लगता है कि वे स्वतंत्र रूप से कोई भी फैसला लेकर संकट का हल निकालने में सक्षम हैं. चीनी प्रवक्ता ने इस दौरान भारत का सीधे-सीधे नाम नहीं लिया. उन्होंने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि क्या चीन मालदीव के राष्ट्रपति यमीन को सभी पक्षों से बातचीत करने को कहेगा.

यमीन ने पिछले साल दिसंबर में चीन के दौरे के दौरान चीन के साथ मुक्त व्यापार पर समझौता किया था. विपक्षी दलों का आरोप है कि इसी वजह से चीन यमीन का समर्थन कर रहा है.

गेंग ने कहा कि चीन मालदीव के साथ दोस्ताना सहयोग जारी रखेगा.

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