S M L

नोटबंदी के कारण कम हुई भारत की ग्रोथ रेट: चीन

चीन ने कहा है कि भारत ने नोटबंदी करके सेल्‍फ-गोल कर लिया, यानी खुद को हराने वाला कदम उठा लिया.

Updated On: Jun 02, 2017 07:16 PM IST

FP Staff

0
नोटबंदी के कारण कम हुई भारत की ग्रोथ रेट: चीन

वित्‍त वर्ष 2016-17 के दौरान जीडीपी ग्रोथ रेट कम होकर 6.1 फीसदी होने से और दुनिया में सबसे अधिक ग्रोथ रेट रिकॉर्ड कर रहे देश का तमगा खोने से सरकार भारी दबाव में है.

चीन ने शुक्रवार को यह कहकर जले पर नमक छिड़क दिया कि भारत ने नोटबंदी करके सेल्‍फ-गोल कर लिया, यानी खुद को हराने वाला कदम उठा लिया. चीनी सरकार के मुखपत्र 'ग्‍लोबल टाइम्‍स' के अनुसार भारत की ग्रोथ रेट कम होने का सबसे बड़ा कारण मोदी सरकार की नोटबंदी है.

हाथी बनाम ड्रैगन के मुकाबले में मिली मात

चीनी मीडिया ने कहा है कि हाथी बनाम ड्रैगन के इस मुकाबले में हाथी को शिकस्‍त खानी पड़ी है. हालांकि उसने यह भी कहा है कि इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ इस कदर कम होने की वजह उसकी इकोनॉमी में अंतर्निहित कुछ अन्‍य कारण भी हैं.

आर्थिक सुधारों की तारीफ भी की

चीनी सरकारी अखबार ने हालांकि इस क्रम में भारत के आर्थिक सुधार कार्यक्रम की तारीफ भी की है. उसने कहा है कि भारत जैसे फेडरल और मल्‍टी-पार्टी देश में जरूरी आर्थिक सुधारों को सख्‍ती से लागू करने के लिए सख्‍त कदम उठाना जरूरी है.

अब क्‍या करेगी सरकार

जीडीपी ग्रोथ रेट कम होने से भारत सरकार अब मार्केट और इंडस्‍ट्री को अच्‍छा संकेत देना चाहती है. आने वाली आरबीआई की मौद्रिक समीक्षा में सरकार चाहती है कि केंद्रीय बैंक रेपो रेट कम करे,‍ जिससे ब्‍याज दें और कम होने का रास्‍ता साफ हो.

वित्‍त मंत्रालय का है आरबीआई पर दबाव

वित्त मंत्रालय ने अपनी दलीलों को आरबीआई के समक्ष मजबूती से रखने के लिए एक मॉनिटरी पॉलिसी ग्रुप भी बनाया है. इस मॉनिटरी पॉलिसी ग्रुप ने आरबीआई के लिए एक रिपोर्ट तैयार की है. इस रिपोर्ट में दरें घटाने के लिए दलील दी गई है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि महंगाई को लेकर आरबीआई का रुख ठीक नहीं है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि महंगाई में गिरावट को देखते हुए ब्याज दरों में कटौती की पर्याप्त गुंजाइश है.

साभार न्यूज़ 18

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Ganesh Chaturthi 2018: आपके कष्टों को मिटाने आ रहे हैं विघ्नहर्ता

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi