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नकली मंगल ग्रह बना रहा है चीन, उगाएगा आलू

चीन अपने इस मार्स विलेज को बनाने में 400 मिलियन युआन यानी लगभग 6 करोड़ रुपए लगाएगा.

Tulika Kushwaha Tulika Kushwaha Updated On: Sep 07, 2017 06:16 PM IST

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नकली मंगल ग्रह बना रहा है चीन, उगाएगा आलू

चीन के मार्स मिशन की चर्चा पहले से ही है. अब चीन मार्स यानी मंगल ग्रह से अपना प्रेम एक दूसरे तरीके से भी दिखाने जा रहा है. पिछले साल खबर आई थी कि चीन मार्स विलेज बनाने जा रहा है और अब इस प्रोजेक्ट पर कितनी रकम खर्च होगी, इसकी रिपोर्ट भी आ गई है.

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन अपने इस मार्स विलेज को बनाने में 400 मिलियन युआन यानी लगभग 6 करोड़ रुपए लगाएगा.

मार्स मिशन के बाद मार्स विलेज

अभी पिछले साल ही चीन ने अपने 2020 मार्स मिशन की घोषणा भी की थी. इस मिशन के तहत चीन 2020 तक मानवरहित यान भेजने की तैयारी में है. पिछली गर्मियों में इस प्रोजेक्ट में शामिल किए जाने वाले लैंडर और रोवर यानों की रूपरेखा को सार्वजनिक भी किया गया था. उसके बाद पिछले साल नवंबर में इस मार्स विलेज के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर दिए गए थे. अब इस प्रोजेक्ट का ब्लूप्रिंट भी तैयार कर लिया गया है.

देखा जाए तो ये मार्स विलेज मार्स मिशन-2020 का ही हिस्सा है. ये मार्स विलेज उत्तरी पूर्वी चीन में सुदूर किंघाई क्षेत्र के तिब्बती पठार के इलाके में बनाया जा रहा है. इस जगह को इस प्रोजेक्ट के लिए इसलिए चुना गया है क्योंकि इस पूरे इलाके की सतह मंगल ग्रह जैसी है- बंजर और पथरीली. ये पूरा प्रोजेक्ट इस इलाके की 95,000 वर्ग किलोमीटर में फैला होगा. यानी लगभग साउथ कोरिया जितना बड़ा.

टूरिज्म ही नहीं साइंस भी

चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंस में लूनर एंड डीप स्पेस एक्सप्लोरेशन के डायरेक्टर लियू शाओकुन की मानें तो ये प्रोजेक्ट टूरिज्म की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है. बिल्कुल. लेकिन ये भी अहम है कि ये स्पॉट बस टूरिज्म और रोमांच के लिए नहीं बन रहा है. इस प्रोजेक्ट का अहम उद्देश्य यहां साइंटिफिक एक्सप्लोरेशन भी हैं. यानी यहां विज्ञान को लेकर ढेर सारे प्रयोग और रिसर्च होंगे.

वैसे भी, मार्स विलेज बनाने का मतलब ही है- धरती पर ही लाल ग्रह पर रहने के रोमांच का अनुभव लेना. इस पूरी जगह को मार्स परिस्थितियों के अनुकूल बनाया जाएगा. जाहिर, है पूरी तरह से नहीं क्योंकि मंगल ग्रह पर हालात बहुत बुरे हैं. रहने लायक तो नहीं. मतलब वहां पानी नहीं है, जहरीला वातावरण है और क्लाइमेट में बेतहाशा उतार-चढ़ाव आते रहते हैं.

मार्स थीम पर बने इस कैंप में लोगों को ये बिल्कुल मंगल ग्रह पर रहने का अनुभव मिलेगा. लियू शाओकुन ने शिन्हुआ से कहा कि लोग मार्स पर जाने का सपना देखते हैं. अब हम लोगों को असल में धरती पर ही हाई एंड एक्सपीरियंस देना चाहते हैं.

और हां आखिरी बात, इस प्रोजेक्ट के तहत इस नकली मार्स पर आलू भी उगाया जाएगा जैसा मैट डेमन ने मार्शियन में किया था.

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