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डोकलाम विवाद: चीन का 18 पड़ोसियों से 36 का आंकड़ा

चीन के लगभग सभी पड़ोसी देशों से सीमा विवाद हैं

Prabhakar Thakur Updated On: Jul 18, 2017 11:22 PM IST

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डोकलाम विवाद: चीन का 18 पड़ोसियों से 36 का आंकड़ा

भारतीय-चीनी सैनिक सिक्किम सीमा के पास डोकलाम क्षेत्र में एक-दूसरे के आमने-सामने डंटे हैं. कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है. चीन की जिद है की वह चिकन नेक तक सड़क बना कर रहेगा और भारत ने भी तय कर लिया है कि चीन की हेकड़ी के दिन अब पूरे हुए. चिकन नेक मेनलैंड भारत को उत्तर-पूर्व से जोड़ता है.

यह सीमा विवाद चीन और भूटान के बीच है. भारत और चीन के बीच भी कई सीमा विवाद हैं. जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड से लेकर सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश तक जब-तब कोई ना कोई विवाद खड़ा हो जाता है. विशेषज्ञ बताते हैं कि जब दोनों देशों के बीच सीमाएं स्पष्ट नहीं हैं तो ऐसे विवाद तो होंगे ही. मीडिया में खबरें आती रहती हैं कि कभी चीन तो कभी भारत एक-दूसरे की सीमाओं में घुस जाते हैं.

पर इसे लेकर कोई गलतफहमी ना पालिएगा. चीन भारत से बार-बार भिड़ने कोई गलती से नहीं आ जाता है. भारत सरकार ने भी इस बार यह दिखाया है कि चीन को भोला समझने की भूल से हम 'ऐतिहासिक सबक' सीख चुके हैं.

New recruits of Chinese PLA patrol the border area at Ngari

चीन के जितने पड़ोसी उससे ज्यादा से सीमा विवाद

चीन जैसे-जैसे बड़ी अर्थव्यवस्था और अधिक ताकतवर बनता जा रहा है, वैसे-वैसे उसकी दबंगई बढ़ती जा रही है. खुद को दुनिया की सबसे बड़ी ताकत के रूप में स्थापित करन की चीन की चाहत जगजाहिर है.

जहां-तहां पंगे लेते रहना चीन की पुरानी फितरत में शुमार है. उसके 18 देशों के साथ सीमा विवाद ऐसे ही नहीं हैं जिसमें उसके लगभग सभी पड़ोसी देश शामिल हैं, पाकिस्तान को छोड़ कर.

चीन जम्मू-कश्मीर के 38,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाले अक्साई चिन पर कब्जा जमाए बैठा है. इसके अलवा पाकिस्तान ने उसे गिलगिट-बल्टिस्तान की 5,180 वर्ग किलोमीटर की जमीन जो जम्मू-कश्मीर का हिस्सा है उसे तोहफे में दे रखी है. अरुणाचल को तो वह अपना मानता ही है.

china military

साउथ चाइना सी से लेकर ईस्ट चाइना सी तक सब पर दावा

बाकी पड़ोसियों को भी वह मौका देख कर हड़काता रहता है. वियतनाम के पार्सल आइलैंड, मैकलेसफील्ड आईलैंड और साउथ चाइना सी पर उसका दावा है. जापान भी उसके दावों से परेशान रहता है. कभी ईस्ट चाइना सी तो कभी सेंकाकू आईलैंड तो कभी रायुकू आईलैंड.

नेपाल और भूटान के साथ भी बात वही है. तिब्बत का हिस्सा बता कर वह कई इलाकों पर अपना दावा ठोंकता है. फिलिपींस के साथ उसका विवाद तो सारी दुनिया जानती है. साउथ चाइना सी को लेकर वह सिंगापुर, फिलिपींस, मलेशिया और ताइवान से उलझता रहता है. इलाके में अमेरिकी लड़ाकू जहाजों और विमानों को लेकर आपत्ति जताने की खबरें भी आती रहती हैं.

हद तो यह कि उसके सबसे अच्छे सहयोगियों में से एक उत्तर कोरिया भी उसकी विस्तारवादी नीति के चपेट में है. बाएकडू और जिआनदाओ नामक इलाके इस विवाद के पीछे हैं.

India vs China

बदमाशी की आदत डाल लीजिए

ऐसी हालत में अगर वह भारत से गुत्थम-गुत्था कर रहा है तो हैरानी नहीं होनी चाहिए. गौर करने वाली बात ये है कि उसकी इतनी ताकत है कि वह एक साथ सभी देशों से उलझता है और अमेरिका को भी आंख दिखाता रहता है.

लगातार मजबूत होते चीन की ये आदत बदलने वाली नहीं है. गौरतलब ये है कि चीन सिर्फ हड़काता है, पर कहीं भी लड़ता नहीं है. जब चीनी अर्थव्यवस्था उभर रही है तो वह लड़ाई में पड़कर अपनी रफ्तार धीमी नहीं करेगा पर ये तय मानिए की उसकी बदमाशी जारी रहेगी. चीन की इन हरकतों से उसकी छवि धीरे-धीरे झगड़ालू पड़ोसी की बन चुकी है.

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