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चीनी सेना का आरोप, वायुक्षेत्र में घुसा भारतीय ड्रोन

चीनी सेना ने यह आरोप तब लगाया है जब 11 दिसंबर को रूस-भारत-चीन के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए चीन के विदेश मंत्री वांग री को नई दिल्ली आना है

Bhasha Updated On: Dec 07, 2017 08:01 PM IST

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चीनी सेना का आरोप, वायुक्षेत्र में घुसा भारतीय ड्रोन

चीन ने गुरुवार को कहा कि हाल ही में एक भारतीय ड्रोन उसके वायुक्षेत्र में ‘अनिधकृत रूप से घुसा’ और सिक्किम सेक्टर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इसके बाद उसे चीन की क्षेत्रीय संप्रभुत्ता का उल्लंघन करने को लेकर भारत के समक्ष कूटनीतिक विरोध दर्ज कराना पड़ा है.

चीन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि भारत का मानवरहित विमान चीनी सीमा की ओर दुर्घटनाग्रस्त हुआ है. पश्चिमी थिएटर कमान के ज्वाइंट स्टाफ डिपार्टमेंट के युद्ध संबंधी ब्यूरो के उप प्रमुख झांग शुइली ने कहा कि हाल ही में भारतीय ड्रोन चीन के वायु क्षेत्र में ‘अनधिकृत रूप से घुसा’ और दुर्घटनाग्रस्त हो गया. चीन के सीमा बलों ने ड्रोन की पहचान की और उसका सत्यापन किया.

भारत की तरफ से अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया ऩहीं

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा कि चीन ने अपनी संप्रभुत्ता का उल्लंघन करने वाले ड्रोन को लेकर भारत के समक्ष कूटनीतिक विरोध दर्ज कराया है. उन्होंने बताया कि ड्रोन सिक्किम सेक्शन में दुर्घटनाग्रस्त हुआ. डोकलाम भारत, चीन सीमा के सिक्किम सेक्शन में स्थित है.

बहरहाल, भारत के रक्षा मंत्रालय की ओर से इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है. चीन की सेना की पश्चिमी थिएटर कमान के अधिकार क्षेत्र में भारत के साथ लगते तिब्बत के सीमा क्षेत्र समेत 3488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा का भी पूरा क्षेत्र आता है.

चीन ने इसका विरोध किया है

चीन की सरकारी संवाद समिति शिन्हुआ ने झांग के हवाले से कहा, ‘भारत का कदम चीन की क्षेत्रीय संप्रभुत्ता का उल्लंघन है और हम इस पर कड़ा अंसतोष और विरोध जताते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘हम अपना अभियान और अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे और चीन की राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा करेंगे.’

हाल ही में भारत-चीन-भूटान की सीमा के समीप चीनी सेना द्वारा एक सड़क के निर्माण के बाद डोकलाम में भारत और चीन की सेना के बीच गतिरोध पैदा हो गया था. इसके कुछ महीने बाद ही चीनी सेना ने यह दावा किया है.

भारत के ‘चिकेन नेक कॉरिडोर’ के समीप चीनी सेना द्वारा सड़क निर्माण रोकने के बाद 73 दिन चला यह गतिरोध 28 अगस्त को समाप्त हुआ था.

चीन के विदेश मंत्री जाएंगे भारत

भारत ने अपनी सुरक्षा चिंताओं का जिक्र करते हुए निर्माण कार्य पर आपत्ति जताई थी. चीनी सेना उस क्षेत्र में यह सड़क बना रही थी जिस पर भूटान भी अपना दावा करता है.

चीनी सेना ने यह आरोप तब लगाया है जब 11 दिसंबर को रूस-भारत-चीन के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए चीन के विदेश मंत्री वांग री को नई दिल्ली जाना है.

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बुधवार को मीडिया को बताया कि वांग इस बैठक के इतर शीर्ष भारतीय अधिकारियों से मुलाकात करेंगे.

डोकलाम विवाद और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का पांच साल का दूसरा कार्यकाल शुरू होने के बाद किसी शीर्ष चीनी अधिकारी की भारत की यह पहली यात्रा होगी.

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