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कैथोलिक आबादी न करे शरणार्थियों की दुर्दशा नजरअंदाज : पोप फ्रांसिस

पोप ने ‘उम्मीद’ का आग्रह ऐसे समय में किया है जब यरूशलम को इजरायल की राजधानी के तौर पर मान्यता देने के अमेरिका के कदम से पश्चिमी तट में तनाव बना हुआ है.

Bhasha Updated On: Dec 25, 2017 12:30 PM IST

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कैथोलिक आबादी न करे शरणार्थियों की दुर्दशा नजरअंदाज : पोप फ्रांसिस

पोप फ्रांसिस ने क्रिसमस की पूर्व संध्या पर दुनिया की 1.30 अरब कैथोलिक आबादी से शरणार्थियों की दुर्दशा नजरअंदाज नहीं करने का आग्रह करते हुए कहा कि खून-खराबा पसंद करने वाले नेताओं की वजह से उन्हें अपनी सरजमीन छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा.

पोप ने सेंट पीटर्स बैसिलिका में श्रद्धालुओं से कहा कि जोसेफ और मेरी के कदमों के नीचे कई लोगों के कदमों के निशान छिपे हैं.वह खुद इतालवी प्रवासी के पोते हैं.

उन्होंने कहा कि हम देख रहे हैं कि लाखों लोग अपने प्रियजन और अपनी धरती छोड़ कर खुद से दूर नहीं गए बल्कि उन्हें वहां से भगाया गया.

81 साल के पोप ने क्रिसमस के मौके पर कहा कि कई सारे मौजूदा शरणार्थी संकट में घिरे हुए हैं जिन्हें उनके नेताओं की वजह से भागना पड़ा जो अपनी सत्ता स्थापित करना चाहते हैं और अपनी संपत्ति में इजाफा करना चाहते हैं. उन्हें मासूमों का खून बाहने से भी गुरेज नहीं है.

वह क्रिसमस के मौके पर पारंपरिक ‘उरबी एत ओरबी’ संबोधन देंगे.

पोप ने ‘उम्मीद’ का आग्रह ऐसे समय में किया है जब यरूशलम को इजरायल की राजधानी के तौर पर मान्यता देने के अमेरिका के कदम से पश्चिमी तट में तनाव बना हुआ है.

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