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Boycott Starbucks: अमेरिका में क्यों बढ़ी है अश्वेतों के खिलाफ हिंसा?

ये घटना पिछले वक्त में अश्वेत लोगों के खिलाफ हुई घटनाओं की ही अगली कड़ी है. पिछले 2 सालों में अमेरिका में अश्वेत लोगों के खिलाफ क्राइम बढ़ रहे हैं

Tulika Kushwaha Tulika Kushwaha Updated On: Apr 18, 2018 05:50 PM IST

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Boycott Starbucks: अमेरिका में क्यों बढ़ी है अश्वेतों के खिलाफ हिंसा?

प्रतिष्ठित स्टारबक्स फ्रेंचाइजी विवादों में घिरी हुई है. पिछले गुरुवार को फिलाडेल्फिया, यूएस के स्टारबक्स रेस्टोरेंट में 2 अश्वेत लोगों को कथित रूप से कानून का उल्लंघन (ट्रेसपासिंग) करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है. रेस्टोरेंट ने आरोप लगाया था कि उन्होंने कोई ऑर्डर नहीं किया था और स्टाफ के बोलने के बावजूद वो वहां से नहीं जा रहे थे. इसके बाद 911 पर कॉल कर पुलिस को बुलाया गया और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद से स्टारबक्स के खिलाफ जगह-जगह विरोध हो रहे हैं और इसे बायकॉट करने की बात हो रही है.

 

विरोध बढ़ने की वजह से कंपनी ने तय किया है कि वो अमेरिका में अपने 8,000 स्टोर्स को 29 मई की दोपहर में बंद रखेगी और इनमें काम करने वाले 17,5000 कर्मचारियों को नस्लभेद विरोधी ट्रेनिंग दी जाएगी.

टाइम्स के मुताबिक, पुलिस ने बताया है कि ये दोनों शख्स वहां अपने किसी बिजनेस एसोसिएट का इंतजार कर रहे थे. उनमें से एक ने वॉशरूम जाना चाहा तो उससे स्टाफ की ओर से कहा गया कि चूंकि उन्होंने कुछ ऑर्डर नहीं किया है तो वो वॉशरूम का इस्तेमाल नहीं कर सकते. दोनों ने बताया कि वो अभी कुछ ऑर्डर नहीं कर रहे क्योंकि वो किसी का इंतजार कर रहे हैं लेकिन स्टाफ ने उन्हें वहां से जाने को कहा.

फिलाडेल्फिया पुलिस की तरफ से 911 पर की गई कॉल की रिकॉर्डिंग भी रिलीज की गई है, जिसमें एक महिला स्टाफ ने कहा है कि दो लोग हैं जो न कुछ ऑर्डर कर रहे हैं न ही यहां से जा रहे हैं. ट्विटर पर शेयर किए गए इस घटना का एक वीडियो भी है, जिसमें 6 पुलिस वालों को इन 2 लोगों को अरेस्ट करते देखा जा सकता है.

ब्लैक लाइव्स मैटर की बहस फिर शुरू

ये घटना पिछले वक्त में अश्वेत लोगों के खिलाफ हुई घटनाओं की ही अगली कड़ी है. पिछले 2 सालों में अमेरिका में अश्वेत लोगों के खिलाफ क्राइम बढ़ रहे हैं. यहां तक कि कुछ ऐसी घटनाएं भी हुई हैं, जिनमें पुलिस की ओर से अश्वेत लोगों के साथ दुर्व्यवहार किया गया है. इन घटनाओं के बाद से #BlackLivesMatter की बहस फिर से तेज हो गई है और लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी करने शुरू कर दिए हैं.

अभी पिछले महीने ही कैलिफोर्निया में अंधेरे में स्टीफन क्लार्क को कई पुलिस अफसरों ने मिलकर 20 गोलियां मारीं, उनका कहना था कि उसके हाथ में बंदूक थी लेकिन घटना स्थल से बस एक आईफोन बरामद हुआ. इसके पहले भी मुस्लिमों के खिलाफ भी कई हिंसा और भेदभाव की खबरें भी आ रही थीं. पिछले साल अगस्त में गूगल की एक वेबसाइट की स्टडी में बताया गया था कि अमेरिका में हेट क्राइम उफान पर है.

vox.com की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में पुलिस के हाथों अक्सर श्वेत लोगों के मुकाबले अश्वेत लोग ज्यादा मारे जाते हैं. ये एफबीआई की ओर से 2012 में जारी किए सप्लीमेंटरी होमीसाइड रिपोर्ट में दिए गए आंकड़े हैं. आप बाकी मामलों में भी अश्वेत लोगों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की डिटेल्स यहां क्लिक करके देख सकते हैं.

फिलहाल अमेरिका भर में अश्वेत लोगों के खिलाफ होने वाली हिंसा का विरोध हो रहा है लेकिन ऐसा हुआ क्यों है, इसपर बहस की जरूरत है. क्या अमेरिका में अश्वेतों का बुरा वक्त लौट रहा है? क्या ऐसा कहना दूर की कौड़ी है या आने वाले वक्त की बानगी है?

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