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कचरे की वजह से बाली के तटों पर लगी इमरजेंसी

कचरे की यह समस्या इतनी विकराल हो गई कि नवंबर में जिमबारन, कूटा और सेमियांक जैसे लोकप्रिय समुद्री तटों सहित करीब छह किलोमीटर लंबे समुंद्र तट पर इमरजेंसी का ऐलान करना पड़ा

Updated On: Dec 28, 2017 07:54 PM IST

Bhasha

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कचरे की वजह से बाली के तटों पर लगी इमरजेंसी

बाली अपने खूबसूरत तटों के लिए जाना जाता है. वॉटर सर्फिंग और सनबाथ के लिए यह पर्यटकों में लोकप्रिय है. लेकिन अब ये तट अपनी खूबसूरती नहीं बल्कि कचरों के ढेर के लिए जाने जा रहे हैं. बाली के तट पर प्लास्टिक के रैपर बिखरे रहते हैं.

ऑस्ट्रेलिया के सैलानी वेनेसा मूनशाइन बड़ी उम्मीदों के साथ बाली आई थीं. अब यहां के हालात देखकर बेहत निराश हैं. उन्होंने कहा, 'मैं तैरना चाहती हूं लेकिन इसमें तैरना मुझे बिल्कुल पसंद नहीं. यहां हर दिन, हर वक्त कचरा फैला रहता है.’ 17,000 से अधिक द्वीपों का यह द्वीपसमूह समुद्री कचरा पैदा करने के मामले में दूसरे नंबर पर है. पहले नंबर पर चीन है. इंडोनेशिया में सालाना 12.9 लाख टन कचरा पैदा होता है.

कचरे की यह समस्या इतनी विकराल हो गई कि नवंबर में जिमबारन, कूटा और सेमियांक जैसे लोकप्रिय समुद्री तटों सहित करीब छह किलोमीटर लंबे समुंद्र तट पर इमरजेंसी का ऐलान करना पड़ा. अधिकारियों ने हर दिन तकरीबन 100 टन कचरा बटोरा. इसके लिए 700 सफाईकर्मी और 35 ट्रकों को लगाया गया था.

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