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ऑस्ट्रेलिया: स्कूल ने पगड़ी की वजह से नहीं दिया था एडमिशन, कोर्ट ने लगाई फटकार

स्कूल ने इसके पीछे अपनी यूनिफॉर्म पॉलिसी का हवाला दिया है, जिसके तहत स्कूल में बच्चों को किसी भी तरह के धार्मिक तरीके से सिर को नहीं ढंकना है.

Updated On: Sep 20, 2017 02:30 PM IST

FP Staff

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ऑस्ट्रेलिया: स्कूल ने पगड़ी की वजह से नहीं दिया था एडमिशन, कोर्ट ने लगाई फटकार

ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में एक सिख परिवार को कोर्ट से बड़ी जीत मिली है. ये परिवार कोर्ट में अपने बच्चे को एडमिशन दिलवाने की लड़ाई लड़ रहा था.

सागरदीप सिंह अरोरा के पांच साल के बेटे सिद्धक सिंह अरोरा को मेलबर्न के मेलटन क्रिश्चियन कॉलेज ने 2016 में पगड़ी पहनने के कारण एडमिशन देने से मना कर दिया था. स्कूल ने इसके पीछे अपनी यूनिफॉर्म पॉलिसी का हवाला दिया है, जिसके तहत स्कूल में बच्चों को किसी भी तरह के धार्मिक तरीके से सिर को नहीं ढंकना है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सागरदीप सिंह अरोरा और उनकी पत्नी अनुरीत सिंह ने बताया कि ऐसा आदेश जारी कर स्कूल ने इक्वल अपॉर्चुनिटी एक्ट का उल्लंघन किया है.

अब द विक्टोरियन सिविल एंड एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल ने अरोरा परिवार के पक्ष में फैसला दिया है. फैसले में कहा गया है कि स्कूल ने सिद्धक के साथ भेदभाव किया है.

ट्रिब्यूनल की सदस्य जूली ग्रेंगर ने कहा, 'चूंकि मेल्टन क्रिश्चियन कॉलेज एक क्रिश्चियन स्कूल है, वो ओपेन इनरॉलमेंट पॉलिसी का पालन करता है. इसका मतलब वो किसी भी धर्म में आस्था रखने वाले छात्रों को एडमिशन देगा.' इस स्कूल में 50 प्रतिशत बच्चे न तो ईसाई हैं, न ही उनका परिवार किसी धर्म में यकीन रखता है.

फैसले में कहा गया है कि धर्म के आधार पर या ये देखकर कि कोई बच्चा ईसाई के अलावा किसी दूसरे धर्म का पालन करता है, एडमिशन देने का फैसला देना गलत है. स्कूल अपनी यूनिफॉर्म पॉलिसी में थोड़े बदलाव करके सिद्धक को पगड़ी पहनने की आजादी दे सकता था.

जूली ग्रेंगर ने स्कूल प्रशासन और परिवार को आपस में बैठकर मामले को सुलझाने का आदेश दिया है.

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