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ईशनिंदा के आरोपों से बरी होने के बाद मिल रही जान की धमकियां, पाक छोड़ सकती हैं आसिया बीबी

आसिया बीबी को ईशनिंदा के आरोपों से बरी किए जाने के शीर्ष अदालत के इस फैसले से पूरे देश में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए है

Updated On: Nov 01, 2018 05:32 PM IST

FP Staff

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ईशनिंदा के आरोपों से बरी होने के बाद मिल रही जान की धमकियां, पाक छोड़ सकती हैं आसिया बीबी
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ईशनिंदा की दोषी ठहराई गई और पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट की ओर से बाद में बरी कर दी गई ईसाई महिला आसिया बीबी को अब मौत की धमकियां मिल रही हैं. खबर आ रही है कि वो पाकिस्तान छोड़ सकती हैं.

बुधवार को आए आसिया बीबी को ईशनिंदा के आरोपों से बरी किए जाने के शीर्ष अदालत के इस फैसले से पूरे देश में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं और कट्टरपंथी संगठनों ने आसिया को जान से मारने की धमकी देना भी शुरू कर दिया है.

आसिया बीबी पर 2010 में पड़ोसियों के साथ विवाद में इस्लाम का अपमान करने का आरोप लगा था. चार बच्चों की मां 47 साल की आसिया बार बार खुद को बेगुनाह बताती रहीं. हालांकि पिछले आठ साल में अधिकतर वक्त उन्होंने जेल में बिताया है.

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इस केस में अपना फैसला सुनाया. इसके बाद इस्लामी राजनीतिक दल तहरीक-ए-लबैक पाकिस्तान और अन्य संगठनों के नेतृत्व में पूरे पाकिस्तान में प्रदर्शन शुरू हो गए. प्रदर्शनकारियों ने देश के विभिन्न हिस्सों में हाईवे और सड़कों पर चक्काजाम किया.

‘द न्यूज’ ने सूत्रों के हवाले से कहा कि बीबी के पति आशिक मसीह उन्हें अपने साथ ले जाने के लिए ब्रिटेन से अपने परिवार के साथ पाकिस्तान पहुंच गए हैं. इस दौरान कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने मसीह को पूरी सुरक्षा दी है.

अधिकारियों ने यह भी कहा कि बीबी अपनी जान को खतरा होने के कारण पाकिस्तान से किसी दूसरे देश के लिए रवाना हो सकती हैं.

इससे पहले बीबी को ईशनिंदा कानून के तहत दोषी ठहराया गया था और मौत की सजा सुनाई गई थी. वह पहली महिला थीं जिन्हें इस मामले में मृत्युदंड सुनाया गया, जिसे बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया.

डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाक सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस साकिब निसार की अध्यता वाली तीन सदस्यों की पीठ ने बुधवार को ये फैसला सुनाया. हालांकि ये फैसला 3 हफ्ते पहले ही ले लिया गया था, लेकिन ईशनिंदा के समर्थकों की तरफ से प्रदर्शन करने की धमकी दिए जाने के चलते फैसला सुनाने में देर हुई.

चीफ जस्टिस निसार ने अपने फैसले में ये भी कहा कि अगर आसिया बीबी पर और कोई चार्ज नहीं है तो उन्हें तुरंत छोड़ दिया जाए.

क्या है ईश निंदा कानून?

पाकिस्तान के ईशनिंदा कानून में इबादतगाहों को अपवित्र करने, मजहबी भावनाएं भड़काने, पैगंबर हजरत मोहम्मद की आलोचना और कुरान शरीफ को नुकसान पहुंचाने जैसे अपराधों के लिए सजा का प्रावधान है. इस कानून में कुरान को क्षति पहुंचाने वाले के लिए उम्रकैद, जबकि पैगंबर की निंदा करने वाले के लिए मौत की सजा का प्रावधान है.

(एजेंसी से इनपुट के साथ)

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