S M L

4,000 साल पुराने मैरिज कॉन्ट्रैक्ट में मिला बांझपन और सरोगेसी का जिक्र

इस रिसर्च में जो सबसे रोचक बात सामने आई है, वो ये कि 4,000 ,साल पहले भी मनुष्यों में बांझपन की समस्या थी.

Updated On: Nov 11, 2017 07:28 PM IST

FP Staff

0
4,000 साल पुराने मैरिज कॉन्ट्रैक्ट में मिला बांझपन और सरोगेसी का जिक्र

पुरातत्वविदों को एक 4 हजार साल पुराना मैरिज कॉन्ट्रैक्ट मिला है, जिसमें बांझपन और गुलाम औरतों को सरोगेसी के लिए इस्तेमाल करने का जिक्र है. पुरातत्वविदों को ये कॉन्ट्रैक्ट तुर्की के केसेरी प्रांत से मिला है. डेली मेल में छपी खबर के मुताबिक, मिट्टी से बना ये असीरियन मैरिज कॉन्ट्रैक्ट शुरुआती सभ्यताओं द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली क्यूनिफॉर्म (कीलाकार) स्क्रिप्ट में लिखी गई है.

इस कॉन्ट्रैक्ट में लिखा है कि अगर किसी जोड़े को 2 सालों तक बच्चा न हो, तो वो गुलाम औरतों को सरोगेट यानी किराए की कोख के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. इसमें ये भी लिखा है कि पहला 'लड़का' होने के बाद उस गुलाम औरत को आजाद कर देना चाहिए.

तुर्की के हारन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और इस प्रोजेक्ट के लीड रिसर्चर अहमत बर्कत्ज टर्प ने बताया कि कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार ऐसा इसलिए किया जाता था, ताकि कोई परिवार बिना किसी वंश के न रह जाए.

तुर्की के जिस कुलटेपे प्रांत में ये टैबलेट मिला है, वो पुरातत्वविदों के अनुसार, 21वीं से 18वीं ईसा पूर्व सदी में यहां असीरियन सभ्यता फली-फूली थी. मानव के सभ्यता इतिहास में असीरियन सभ्यता सबसे पहली-पहली सभ्यताओं में से थी.

इस टैबलेट को तुर्की के ऑर्कियोलॉजिकल म्यूजियम में रखा गया है. ये रिसर्च गाइनोकोलॉजिकल एंडोक्राइनोलॉजी जर्नल में छपी है.

इस रिसर्च में जो सबसे रोचक बात सामने आई है, वो ये कि 4,000 ,साल पहले भी मनुष्यों में बांझपन की समस्या थी. यानी इससे ये साफ होता है कि मानव के विकास और बदलती जीवनशैली का इसमें पूरी तरह से हाथ नहीं है, मनुष्य इस समस्या से पहले भी जूझता रहा है. लेकिन साथ ही इसने इस तथ्य को और मजबूत कर दिया है कि समाज को हमेशा से लड़के की ही चाह रही है.

(फीचर्ड इमेज: इस्तांबुल ऑर्कियोलॉजिकल म्यूजियम से साभार)

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Jab We Sat: ग्राउंड '0' से Rahul Kanwar की रिपोर्ट

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi