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आदिवासियों से दोस्ती कर रहा था अमेरिकी नागरिक, फिर हुआ ऐसा हादसा, ये रही पूरी रिपोर्ट

27 वर्षीय जॉन ऐलन चाऊ 7 मछुआरों के साथ बिना इजाजत एडवेंचर ट्रिप पर नॉर्थ सेंटिनल द्वीप पर गए थे, चाऊ सेंटिनेलीज जनजाति के लोगों के साथ मित्रता की कोशिश कर रहे थे

Updated On: Nov 22, 2018 02:55 PM IST

FP Staff

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आदिवासियों से दोस्ती कर रहा था अमेरिकी नागरिक, फिर हुआ ऐसा हादसा, ये रही पूरी रिपोर्ट

अंदमान के सेंटिनल द्वीप में मारे गए 27 साल के अमेरिकी नागरिक जॉन ऐलन चाऊ अपने एक ट्रिप के दौरान आदिवासी लोगों से मिलने पहुंचा था. वहीं मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो उसका मकसद इन अनजान आदिवासियों के बीच ईसाई धर्म का प्रचार करना था. चाऊ ने दो बार इस द्वीप पर पहुंचने की कोशिश की थी. 14 नवंबर को उनकी पहली कोशिश नाकाम रही थी. इसके बाद 16 नवंबर को वह पूरी तैयारी के साथ वहां पहुंचे लेकिन कहा जा रहा है कि गुस्साए आदिवासियों ने उनको तीरों से छलनी कर दिया और उनकी मौत हो गई. चाऊ इससे पहले 5 बार अंदमान जा चुके थे.

चाऊ सेंटिनेलीज जनजाति के लोगों के साथ मित्रता की कोशिश कर रहे थे

दरअसल 27 वर्षीय जॉन ऐलन चाऊ 7 मछुआरों के साथ बिना इजाजत एडवेंचर ट्रिप पर नॉर्थ सेंटिनल द्वीप पर गए थे. चाऊ सेंटिनेलीज जनजाति के लोगों के साथ दोस्ती करने की कोशिश कर रहे थे लेकिन वहां के लोगों को ये बात समझ नहीं आई और उन लोगों ने उन्हें मार दिया. उनके शव को रेत में ही दफना दिया गया. पुलिस ने 6 मछुआरों और अंदमान निवासी के एस ऐलेक्जेंडर को चाऊ की मदद करने और नियम तोड़ने के लिए गिरफ्तार किया है.

उन्हें फुटबॉल, फिशिंग लाइन और मेडिकल किट भी गिफ्ट किए

अंदमान व निकोबार के डीजीपी दीपेंद्र पाठक ने बताया, 'चाऊ छठी बार पोर्ट ब्लेयर की यात्रा कर रहे थे. उन्होंने मछुआरों को उत्तरी सेंटिनल आइलैंड भेजने में मदद के लिए 25 हजार रुपए दिए थे. मछुआरे 15 नवंबर की रात उन्हें आइलैंड के पश्चिमी सीमा तक एक छोटी नाव से ले गए थे. वहां से अगले दिन चाऊ एक नाव लेकर अकेले ही आइलैंड तक पहुंचे थे. चाऊ अपने दोस्त ऐलेक्जेंडर के यहां पोर्ट ब्लेयर में रह रहे थे और 16 नवंबर को उत्तरी सेंटिनल द्वीप पर गए थे.

पुलिस ने 13 पन्नों का नोट अपने कब्जे में ले लिया है

आइलैंड में चाऊ ने सेंटिनेलीज के साथ दोस्ती करने की कोशिश की. उन्हें फुटबॉल, फिशिंग लाइन और मेडिकल किट भी गिफ्ट किए. 17 नवंबर को करीब सुबह साढ़े 6 बजे किनारों से लौटकर आए मछुआरों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने आदिवासियों को किसी लाश के पास अनुष्ठान करते हुए देखा, जो संभवतया चाऊ की हो सकती है. पुलिस ने 13 पन्नों का नोट अपने कब्जे में ले लिया है जिसे चाऊ ने लिखा था और द्वीप पर जाने से पहले मछुआरों को सौंप दिया था.

मछुआरे पोर्ट ब्लेयर लौटकर आए और ऐलेक्जेंडर को सारी बताई

मछुआरे पोर्ट ब्लेयर लौटकर आए और ऐलेक्जेंडर को सारी बात बताई. इसके बाद ऐलेक्जेंडर ने चाऊ की मां को उसकी हत्या के बारे में बताया. उन्होंने चेन्नई में यूएस वाणिज्य दूतावास में अमेरिकी नागरिक सेवाओं के वाइस कंसुलेट जनरल डेविड एन रॉबर्ट्स को ईमेल लिखा. पाठक ने बताया कि भारतीय तटरक्षक द्वीप के नजदीक पहुंचे और एसपी जतिन नारीवाल ने हवाई सर्वेक्षण भी किया, लेकिन शव को नहीं ढूंढ सके. पुलिस वन और आदिवासी कल्याण विभाग से मदद लेकर प्रयास कर रही है. पुलिस ने मामले में मछुआरे सॉ जंपो, सॉ टैरे, सॉ वाटसन, सॉ मोलियन, एम भूमि, सॉ रेमिस और ऐलेक्जेंडर को आदिवासी जनजातियों (विनियमन) अधिनियम की सुरक्षा का उल्लंघन करने और चाऊ की मौत का कारण बनने के लिए गिरफ्तार किया है.

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