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ट्रंप ने यरुशलम को इजरायल की राजधानी के तौर पर मान्यता दी

कई अरब देशों के नेताओं ने ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से पहले से ही संवदेनशील पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की चेतावनी दी है

Bhasha Updated On: Dec 07, 2017 10:00 AM IST

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ट्रंप ने यरुशलम को इजरायल की राजधानी के तौर पर मान्यता दी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यरुशलम को इजरायल की राजधानी के तौर पर मान्यता दे दी है. साथ ही उन्होंने विदेश मंत्रालय को आदेश दिया है कि अमेरिकी दूतावास को तेल अवीव से यरुशलम स्थानातंरित करने की प्रक्रिया शुरू की जाए.

कई अरब देशों के नेताओं ने ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से पहले से ही संवदेनशील पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की चेतावनी दी है. ट्रंप ने 2016 में अपने चुनाव अभियान के दौरान इसका वादा किया था. अरब नेताओं ने चेताया कि इस फैसले से पश्चिम एशिया और दूसरी जगहों पर व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो सकते हैं.

ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संवाददाताओं से कहा, ‘अमेरिकी सरकार यरुशलम को इजरायल की राजधानी के तौर पर मान्यता देगी है. वह इसे ऐतिहासिक वास्तविकता को पहचान देने के तौर पर देखते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘यरुशलम प्राचीन काल से यहूदी लोगों की राजधानी रहा है और आज की वास्तविकता यह है कि यह शहर सरकार, महत्वपूर्ण मंत्रालयों, इसकी विधायिका, सुप्रीम कोर्ट का केंद्र है.’ एक दूसरे वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह कदम उठाने के साथ ट्रंप अपना एक प्रमुख चुनावी वादा पूरा करेंगे. पूर्व में राष्ट्रपति चुनाव के कई उम्मीदवार यह वादा कर चुके हैं.

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यरुशलम को यहूदी देश की राजधानी के तौर पर मान्यता देने को ‘ऐतिहासिक और साहसी फैसला’ बताया और उन्होंने कहा कि इससे शांति कायम करने में मदद मिलेगी.

उन्होंने कहा कि यहूदी देश पवित्र स्थलों पर यथास्थिति को बरकरार रखते हुए यहूदियों, ईसाईयों और मुस्लिमों के लिए प्रार्थना करने की आजादी को सुनिश्चित करेगा.

अरब देशों ने दी चेतावनी

सऊदी अरब के शाह सलमान और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल-सिसी ने ट्रंप प्रशासन के इस फैसले को लेकर चेतावनी दी है. सलमान ने इसे एक ‘खतरनाक कदम’’ बताते हुए आगाह किया कि इससे ‘दुनिया भर में मुस्लिमों की भावनाएं भड़केंगी’. वहीं सिसी ने कहा कि इससे स्थिति जटिल हो जाएगी और ‘पश्चिम एशिया में शांति की संभावनाएं खतरे में पड़ जाएंगी.’

ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने ट्रंप की योजना की आलोचना करते हुए कहा कि यह ‘गलत, अवैध, भड़काऊ और बेहद खतरनाक’ है. जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय ने कहा कि यरूशलम पूरे पश्चिम एशिया की स्थिरता के लिहाज से महत्वपूर्ण है. पोप फ्रांसिस ने भी इस कदम को लेकर ‘गंभीर चिंता’ जताई और संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों के अनुरूप शहर की यथास्थिति का सम्मान करने की प्रतिबद्धता जताने की अपील की.

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