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जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर है ‘बहुत बुरा आदमी’: अमेरिका

अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव को अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन का समर्थन हासिल था

Updated On: Nov 08, 2017 05:14 PM IST

Bhasha

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जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर है ‘बहुत बुरा आदमी’: अमेरिका

अमेरिका ने बुधवार को कहा कि जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख मसूद अजहर ‘बहुत बुरा आदमी’ है और उसे ग्लोबल आतंकी घोषित किया जाना चाहिए.

पठानकोट आतंकी हमले के मास्टरमाइंड अजहर को आतंकी घोषित करने के संयुक्त राष्ट्र में हुए प्रयास को चीन द्वारा बाधित किए जाने की पृष्ठभूमि में अमेरिका ने ये कहा है.

अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन का समर्थन हैं शामिल

अजहर पाकिस्तान में रहता है.उसे ग्लोबल आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव को अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन का समर्थन हासिल था. इस प्रस्ताव को पिछले हफ्ते चीन ने चौथी बार रोक दिया और इसकी वजह बताई कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अलकायदा प्रतिबंध समिति के सदस्य इस पर एकमत नहीं हैं.

अजहर का बनाया आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की सूची में पहले से शामिल है.विदेश विभाग की प्रवक्ता हीदर नोर्ट ने संवाददाता सम्मेलन में चीन के कदम पर पूछे गए सवाल के बारे में कहा, ‘हम निश्चित रूप से मानते हैं कि वह बहुत बुरा व्यक्ति है. हम चाहते हैं कि उसे इस सूची में शामिल किया जाए.’

प्रतिबंधित लिस्ट में शामिल करने पर हुई बातचीत

हीदर नोर्ट ने कहा, ‘उसे प्रतिबंधित लिस्ट में शामिल करने पर समिति में बातचीत हो रही है. संयुक्त राष्ट्र के तहत वह सूची गोपनीय है इसलिए मैं कोई टिप्पणी नहीं कर सकती.’ उन्होंने कहा कि चीन के कदम के बारे में तो आपको चीन की सरकार से ही पूछना पड़ेगा कि उन्होंने ऐसा क्यों किया लेकिन निश्चित ही हमारा मानना है कि वे बहुत बुरा व्यक्ति है.

हीदर नोर्ट ने बताया कि अमेरिकी कानून के तहत वह जैश ए मोहम्मद को विदेशी आतंकी संगठन मानते हैं. परिषद की अलकायदा प्रतिबंध सूची के तहत जैश ए मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने के भारत के प्रयास को चीन लगातार बाधित कर रहा है. चीन सुरक्षा परिषद का वीटो पावर प्राप्त स्थायी सदस्य है.

चीन ने अजहर को आतंकी घोषित करने का किया विरोध

अजहर को संरा द्वारा ग्लोबल आतंकी घोषित करने के अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन से समर्थन प्राप्त प्रयास पर चीन ने अगस्त महीने में तकनीकी रोक को 3 महीने के लिए बढ़ा दिया था. इससे पहले संयुक्त राष्ट्र में इसी फरवरी महीने में भी उसने इस प्रयास को बाधित किया था.

चीन ही इकलौता ऐसा देश है जो सुरक्षा परिषद में अजहर को आतंकी घोषित करने का विरोध कर रहा है. परिषद के 15 सदस्यों में से बाकी के सभी 14 सदस्य देश प्रतिबंध की सूची में अजहर को शामिल करने के प्रयास के समर्थन में है.

प्रतिबंध सूची में अजहर का नाम आने पर उसकी संपत्तियां कुर्क हो जाएंगी और उस पर यात्रा प्रतिबंध लग जाएगा.अजहर भारत में हुए कई आतंकी हमलों में आरोपी है. वह जनवरी 2016 में पठानकोट वायुसेना स्टेशन पर हुए हमले का भी आरोपी है.

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