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भारत जैसे देशों के लिए ईरानी तेल का विकल्प खोजने को लेकर अतिरिक्त प्रयास में जुटा है अमेरिका

अमेरिका ने चीन को कड़ी चेतावनी जारी करने के लिए और अमेरिकियों को चीन की वास्तविक मंशाओं से वाकिफ कराने के लिए उपराष्ट्रपति को मैदान में उतारा है

Updated On: Oct 05, 2018 07:53 PM IST

Bhasha

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भारत जैसे देशों के लिए ईरानी तेल का विकल्प खोजने को लेकर अतिरिक्त प्रयास में जुटा है अमेरिका

अमेरिका भारत और इराक जैसे देशों के लिए ईरानी तेल का विकल्प खोजने के लिए अतिरिक्त प्रयास में लगा है.

व्हाइट हाउस ने कहा कि उसने ईरान से तेल खरीदने वाले सभी देशों को फिर से चेतावनी दी है कि चार नवंबर तक वे ईरान से तेल आयात बिल्कुल बंद करें या अमेरिका के प्रतिबंधों का सामना करने के लिए तैयार रहें.

अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने व्हाइट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन में संवाददाताओं से कहा, ‘मैंने (ईरानी तेल की खरीदारी को लेकर भारतीय अधिकारियों के साथ) बातचीत की. (ट्रंप) प्रशासन के अन्य अधिकारियों ने भी वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों से बातचीत की है.’

बोल्टन ने पिछले महीने यहां अपने भारतीय समकक्ष अजीत डोभाल से मुलाकात की थी. उसके हफ्ते भर पहले ही नई दिल्ली में 2+2 वार्ता हुई थी.

अमेरिका ने भारत के सामने अपना रुख साफ किया:

बोल्टन ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने ईरान को लेकर भारत के सामने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है.

उन्होंने कहा,‘एक और चीज जो मुझे लगता है कि वह महत्वपूर्ण है, चाहे वह इराक हो या भारत या कोई और देश हो - विशेष रूप से जो ईरानी तेल का खरीददार रहा है - हम उनके लिए कहना चाहेंगे कि हम तेल के वैकल्पिक विक्रेता ढूढ़ने का पूरा प्रयास कर रहे हैं ताकि बाजार मूल्यों पर तेलों की वैकल्पिक आपूर्ति हो सके.'

बोल्टन के मुताबिक, ट्रम्प प्रशासन का मकसद चार नवंबर को ईरान पर फिर से नया प्रतिबंध लगाकर वहां की सरकार पर अधिकतम दबाव डालना है.

उन्होंने कहा कि हमारा मकसद साफ है कि ईरान पर लगे प्रतिबंधों में ढील नहीं दी जाएगी और उसके तेल और गैस के निर्यात को ठप कर देना है.

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