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झूठ बोलने में माहिर हैं ट्रंप, राष्ट्रपति बनने के बाद 1929 बार बोल चुके हैं झूठ!

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति जो भी कहते हैं उनका हर 14 में से एक शब्द झूठा होता है

FP Staff Updated On: Jul 22, 2018 04:11 PM IST

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झूठ बोलने में माहिर हैं ट्रंप, राष्ट्रपति बनने के बाद 1929 बार बोल चुके हैं झूठ!

डोनाल्ड ट्रंप अपने बयानों और कारनामों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं. कभी उनके अफेयर की सुर्खियां रहती हैं तो कभी सहयोगियों के साथ अनबन की. अमेरिका के राष्ट्रपति बनने से पहले ट्रंप ने अमेरिका के लोगों से कई वादे किए थे और 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' का नारा दिया था. इस दौरान ट्रंप ने अप्रवासियों और मुस्लिम देशों को लेकर भी कई बयान दिए थे. डोनाल्ड ट्रंप के विरोधी अक्सर उन्हें झूठा और गलत दावा करने वाला नेता कहते हैं. अब मीडिया रिपोर्ट्स में भी ऐसा दावा किया गया है कि अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने अब तक कुल 1929 बार झूठ बोला है.

अमेरिका की वेबसाइट 'वॉशिंगटन पोस्ट' और कनाडा की वेबसाइट 'टोरंटो स्टार' में ऐसी रिपोर्ट पब्लिश हुई है. विस्तृत विश्लेषण में कहा गया है कि ट्रंप के ज्यादातर दावे झूठे और भ्रामक निकले हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआती दिनों में ट्रंप 100 दिन में औसतन 4.9 झूठे दावे करते थे, जो बाद में लगातार बढ़ते गए. वहीं, राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप ने अपने भाषणों में ज्यादातर झूठ बोला है.

रिपोर्ट के मुताबिक, बीते 18 महीनों में डोनाल्ड ट्रंप ने कुल 13 लाख 40 हजार 330 शब्द बोले हैं. इनमें से 5.1 फीसदी झूठ था. अगर साल 2017 का औसत देखें, तो ट्रंप ने लगभग रोज 2.1 झूठे दावे किए. इस साल यह औसत बढ़कर 5.1 हो गया है. मतलब ये हुआ कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो भी कहते हैं उनका हर 14 में से एक शब्द झूठा होता है.

विदेशी नेताओं को भी मुश्किल में डाल चुके हैं ट्रंप

रिपोर्ट के मुताबिक, 'ट्रंप के इस आदत से विदेशी नेताओं को भी दिक्कत होती है. क्योंकि, ट्रंप एक जगह कुछ कहते हैं, दूसरी जगह उसी बयान पर यू-टर्न ले लेते हैं. इससे विश्व राजनीति में एक तरह की कंफ्यूज़न की स्थिति पैदा हो रही है.'

हाल ही में फिनलैंड की राजधानी हेलसिंकी में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ऐतिहासिक मुलाकात हुई. इस मुलाकात के बाद दोनों नेताओं ने ज्वॉइंट स्टेटमेंट दिया. जिसमें ट्रंप ने 2016 में हुए अमेरिकी चुनाव में रूस के कथित रूप से दखल न देने के पुतिन के दावे को मान लिया. यही नहीं, ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि अमेरिका का फेडरल इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (FBI) ही दोनों देशों के बीच दूरियां लाने की वजह है.

हालांकि, इस बयान पर चौतरफा घिरने और यूएस मीडिया में किरकिरी के बाद ट्रंप अगले ही दिन अपने बयान से पलट गए. उन्होंने सफाई दी कि हेलसिंकी में रूस के बारे में वो सब गलती से बोल गए थे. इसी तरह का वाकया ट्रंप के ब्रिटेन दौरे के दौरान भी हुआ है. दौरे से पहले उन्होंने एक इंटरव्यू में ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरिसा मे की आलोचना की थी. इसके बाद थेरिसा मे से मुलाकात के बाद हुए संवाददाता सम्मेलन में पहले के बयान से पलट गए.

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