S M L

यरुशलम को इजरायल की राजधानी कहने पर ट्रंप का पुरजोर विरोध

जर्मनी ने कहा कि वो ट्रंप के इस फैसले का समर्थन नहीं करता, उधर, ट्रंप की घोषणा के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने शुक्रवार को एक बैठक बुलाई है

Updated On: Dec 07, 2017 07:31 PM IST

Bhasha

0
यरुशलम को इजरायल की राजधानी कहने पर ट्रंप का पुरजोर विरोध

अमेरिका ने यरुशलम को इजरायल की राजधानी के तौर पर मान्यता दे दी है. इसके साथ ही फिलस्तीन में खून-खराबे की आशंका बढ़ गई है. किसी तरह की अनहोनी से निपटने के लिए इजरायल ने पश्चिमी तट पर सैंकड़ों की संख्या में अतिरिक्त सैनिक तैनात किए हैं.

पश्चिमी तट के शहर रामल्ला में एक विशाल प्रदर्शन की योजना बनाई जा रही है. इस बीच हजारों लोगों ने हमास शासित गाजा पट्टी में बुधवार की रात प्रदर्शन किया. अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की.

अमेरिका के सहयोगी देशों ने की फैसले की निंदा 

अमेरिका के कई सहयोगियों ने भी इस विवादास्पद निर्णय की निंदा की है. तुर्की के राष्ट्रपति रजब तयब एर्दोआन ने आगाह किया कि इससे क्षेत्र आग के गोले मे बदल जाएगा.

वहीं इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप की प्रशंसा करते हुए इसे ऐतिहासिक फैसला बताया. साथ ही अन्य देशों से भी इसका अनुसरण करने को कहा.

फिलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा कि ट्रंप का ये कदम अमेरिका को पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के प्रयास को झटका है. सऊदी अरब ने भी ट्रंप के इस कदम को ‘अनुचित और गैर जिम्मेदाराना’ करार दिया है.

सुरक्षा परिषद ने बुलाई बैठक, स्थिति पर होगी चर्चा  

इस बीच गुरूवार को पूर्वी यरुशलम, पश्चिमी तट आदि क्षेत्रों में फलस्तीनी दुकानें बंद रहीं. आम हड़ताल के आह्वान के बाद स्कूल भी बंद रहे.

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने कहा कि वो इस घोषणा से सहमत नहीं है. हमारा मानना है कि इस क्षेत्र में शांति की संभावनाएं तलाशने की दिशा में ये मददगार साबित नहीं होगा.

जर्मनी ने कहा कि वो ट्रंप के इस फैसले का समर्थन नहीं करता. उधर, ट्रंप की घोषणा के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने शुक्रवार को एक बैठक बुलाई है.

सुरक्षा परिषद के 15 में से कम-से-कम आठ सदस्यों ने वैश्विक निकाय से एक विशेष बैठक बुलाने की मांग की है. बैठक की मांग करने वाले देशों में दो स्थाई सदस्य ब्रिटेन और फ्रांस शामिल हैं. इसके साथ ही बोलीविया, मिस्र, इटली, सेनेगल, स्वीडन, ब्रिटेन और उरुग्वे जैसे अस्थायी सदस्य भी शामिल हैं.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
#MeToo पर Neha Dhupia

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi