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थाइलैंड की अदालत ने पाक के दावे को नकारा, छोटा शकील के करीबी को भारत सौंपने का आदेश

यह मामला भारत और पाकिस्तान के बीच मुन्ना झिंगड़ा के नागरिकता को लेकर था, झिंगड़ा सितंबर 2000 से बैंकॉक की एक जेल में बंद है

Updated On: Aug 08, 2018 03:17 PM IST

FP Staff

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थाइलैंड की अदालत ने पाक के दावे को नकारा, छोटा शकील के करीबी को भारत सौंपने का आदेश

भारत को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. थाइलैंड की एक आपराधिक अदालत ने अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील के बेहद करीबी मुजक्किर मुदस्सर हुसैन उर्फ मुन्ना झिंगड़ा को भारत का नागरिक माना है और उसे जल्द ही भारत को प्रत्यर्पित करने की बात कही है.

यह मामला भारत और पाकिस्तान के बीच मुन्ना झिंगाड़ा के नागरिकता को लेकर था. झिंगड़ा सितंबर 2000 से बैंकॉक की एक जेल में बंद है. यह मामला अप्रैल 2017 से अंडर ट्रायल था, जिसमें थाइलैंड की अदालत ने बुधवार को फैसला सुना दिया.

मुन्ना झिंगड़ा को शुरुआत में सजा पूरी कर लेने के बाद कैदी स्थानांतरण संधि के तहत पाकिस्तान को प्रत्यर्पित करना था. हालांकि, भारत की तरफ से मजबूती से उसके प्रत्यर्पण के मुद्दे को उठाया गया तब यह मामला अदालत में पहुंच गया.

मामले की सुनवाई के दौरान थाई कानूनों के तहत मुन्ना झिंगड़ा को माफी मिली और उसे दिसंबर 2016 में रिहा किया जाना था. हालांकि, मामला कोर्ट में था इसलिए उसे प्रत्यर्पित नहीं किया गया.

मुन्ना झिंगड़ा को भारतीय नागरिक साबित करने के लिए भारत ने कोर्ट में फिंगरप्रिंट का सबूत दिया था. उससे साबित हो गया कि वह भारत का नागरिक है. थाई अदालत ने पाकिस्तान के वकील की खिचाई भी की कि उन्होंने 'मनगढ़ंत' साक्ष्य प्रस्तुत किया.

जब इस मामले में अदालत ने अपना फैसला सुनाया तब मुन्ना झिंगड़ा हिंसक हो गया और जज को गालियां भी दी. पाकिस्तान दूतावास के एक अधिकारी का भी रवैया कमोबेश इसी तरह का था.

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