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वॉट्सऐप ने चुनाव आयोग से कहा, प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग रोकने के लिए चुनाव से पहले उठाएंगे कदम

एक सूत्र ने बताया कि वॉट्सऐप ने चुनाव आयोग से कहा कि वह राज्यों में होने वाले चुनावों और आम चुनावों से पहले स्पैम संदेश तकनीक को लेकर सतर्क रहेगा

Updated On: Jul 20, 2018 06:30 PM IST

Bhasha

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वॉट्सऐप ने चुनाव आयोग से कहा, प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग रोकने के लिए चुनाव से पहले उठाएंगे कदम

वॉट्ऐप ने चुनाव आयोग से कहा है कि वह अपने ‘मैसेज प्लेटफॉर्म’ के दुरुपयोग को रोकने के लिये चुनावों से पहले कई कदम उठाएगा. कंपनी ने कहा कि वह भारत में फर्जी खबर सत्यापन मॉडल लाएगी जिसका उपयोग दुनिया के दूसरे देशों में किया जा रहा है. वॉट्सऐप के वैश्विक कार्यकारी पहले से भारत में हैं और उन विभिन्न मुद्दों पर नीति निर्माताओं के साथ बातचीत कर रहे हैं जिसका सामना कंपनी कर रही है.

कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी ने अगले साल होने वाले आम चुनाव से पहले वॉ के उपयोग को लेकर बेहतर गतिविधियों के साथ इसके दुरुपयोग को रोकने पर चर्चा के लिए हाल ही में चुनाव आयोग तथा राजनीतिक संगठनों के साथ बातचीत की है.

प्रवक्ता ने आगे कहा कि वॉट्सऐप को व्यक्तिगत और छोटे समूह के बीच बातचीत के लिए तैयार किया गया और कंपनी ने हमेशा से उन संदेशों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है जो व्यवस्था को चोट पहुंचाने की कोशिश करता है. वैसे संदेश भेजने वालों के ‘अकाउंट’ को बंद किया गया है.

अब एक बार में पांच से अधिक लोगों को नहीं भेज पाएंगे मैसेज

एक सूत्र ने बताया कि वॉट्सऐप ने चुनाव आयोग से कहा कि वह राज्यों में होने वाले चुनावों और आम चुनावों से पहले स्पैम संदेश तकनीक को लेकर सतर्क रहेगा. उसने कहा कि वॉट्सऐप के अधिकारियों का एक दल भारत में है और अगले कुछ दिनों में नीति निर्माताओं के साथ बैठक करेगा.

कंपनी ने चुनाव आयोग से यह भी कहा है कि वह भारत में फर्जी खबर सत्यापन मॉडल ... वेरिफिकैडो... लाएगी. इसका मेक्सिको चुनाव में उपयोग किया गया है. ब्राजील में भी इसका उपयोग किया गया है.

वॉट्सऐप ने शुक्रवार को घोषणा कि वह भारत में उपयोगकर्ताओं को एक बार में पांच से अधिक ‘चैट’ आगे भेजने की अनुमति नहीं देगी. कंपनी ‘क्विक फॉरवर्ड बटन’ को हटा देगी जो मीडिया संदेश के साथ आता है. यह फर्जी संदेश और अफवाह को रोकने के प्रयास का हिस्सा है. भारत में संदेश भेजने को लेकर जो पाबंदी लगाई जा रही है वैश्विक स्तर पर निर्धारित मानदंडों के मुकाबले यह कड़े उपाय है. वहां इसकी सीमा 20 है.

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