S M L

स्नैपचैट ने खाया-पिया, बिल फटा स्नैपडील के नाम का!

लोग स्नैपचैट और स्नैपडील को एक समझकर स्‍नैपडील के ऐप को अनइंस्‍टॉल कर रहे हैं

FP Staff Updated On: Apr 24, 2017 12:20 PM IST

0
स्नैपचैट ने खाया-पिया, बिल फटा स्नैपडील के नाम का!

इसे कहते हैं, खाया-पिया किसी और ने और बिल फटा किसी और के नाम का.

स्नैपचैट के सीईओ इवान स्पीगल के भारत के बयान को लेकर कंपनी को काफी मुसीबत झेलनी पड़ रही है. जहां सोशल मीडिया पर 'बॉयकॉट स्नैपचैट' ट्रेंड हो रहा है, वहीं गूगल प्ले स्टोर पर जमकर रेटिंग गिराई जा रही है. लोग जमकर ऐप अनइंस्टॉल भी कर रहे हैं.

लेकिन स्पीगल के बयान का नुकसान अकेले स्नैपचैट को नहीं बल्कि स्नैपडील को भी हो रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ लोग स्नैपडील ऐप को ही स्नैपचैट ऐप समझ बैठे. कई लोगों ने प्ले स्टोर पर जाकर स्नैपडील ऐप की रेंटिंग कम कर दी है. साथ उसे अनइंस्टॉल करने की बात भी कर रहे हैं. भारत की ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील को स्नैपचैट से मिलता-जुलता नाम होने के कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है.

स्नैपचैट के सीईओ इवान स्पीगल के भारत को गरीब देश कहने से नाराज लोग स्नैपडील से बदला ले रहे हैं.

गलती स्‍नैपचैट की मुश्‍किल में स्‍नैपडील

संडे को स्‍नैपचैट के सीईओ की ओर से भारत को गरीब देश कहने के बयान के बाद कुछ लोग बेहद गुस्‍से में नजर आ रहे थे. गुस्‍सा इतना था कि निशाने पर सोशल नेटवर्किंग ऐप स्‍नैपचैट की बजाय ई-कॉमर्स स्‍नैपडील की ऐप आ गई. लोगों ने स्‍नैपचैट को अनइंस्‍टॉल करने की बजाय स्‍नैपडील को ही डिलीट करना शुरू कर दिया. हालांकि बाद में सोशल मीडिया पर कई लोग स्‍नैपडील और स्‍नैपचैट के बीच में अंतर बताते हुए भी नजर आए.

यह कहा था स्‍नैप चैट के सीईओ ने

अमेरिका की एक न्यूज वेबसाइट वैरायटी के अनुसार, शनिवार को स्नैपचैट के पुराने कर्मचारी एंटोनियो पोमपिआनो ने बताया कि कंपनी के सीईओ इवान स्पीगेल ने सितंबर 2015 को उनसे कहा था कि यह ऐप केवल अमीर लोगों के लिए है. मैं इसे गरीब देशों जैसे भारत और स्पेन में नहीं ले जाना चाहता.

0

अन्य बड़ी खबरें

वीडियो
Social Media Star में इस बार Rajkumar Rao और Bhuvan Bam

क्रिकेट स्कोर्स और भी

Firstpost Hindi