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वैज्ञानिकों ने बनाया प्लास्टिक को नष्ट करने वाला अनूठा एन्जाइम

पर्यावरण संबंधी समस्या के हल की दिशा में यह प्रगति महत्वपूर्ण साबित हो सकती है

Bhasha Updated On: Apr 17, 2018 04:52 PM IST

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वैज्ञानिकों ने बनाया प्लास्टिक को नष्ट करने वाला अनूठा एन्जाइम

वैज्ञानिकों ने एक ऐसा एन्जाइम बनाया है जो आम तौर पर प्रदूषण पैदा करने वाले प्लास्टिकों को खत्म कर सकता है. विश्व की सबसे बड़ी पर्यावरण संबंधी समस्या के हल की दिशा में यह प्रगति महत्वपूर्ण साबित हो सकती है.

इस एन्जाइम के विकास से पॉलीथीन टेरिफ्थेलैट (पीईटी) से बने करोड़ों टन बोतलों का रिसाइकिल मुमकिन हो सकता है.

अमेरिका के पोर्ट्समाउथ विश्वविद्यालय एवं ऊर्जा मंत्रालय के राष्ट्रीय अक्षय ऊर्जा प्रयोगशाला (एनआरईएल) के अनुसंधानकर्ताओं ने पीईटीएस एन्जाइम की संरचना का अध्ययन किया. थ्रीडी जानकारी की मदद से उसकी कार्यप्रणाली को समझने का प्रयत्न किया.

हाल में विकसित यह एन्जाइम पीईटी को नष्ट करने में सक्षम बताया जा रहा है. इन वैज्ञानिकों ने अनजाने में इस एन्जाइम की खोज में सफलता हासिल की है.

मछलियों से ज्यादा है समुद्री कचरा 

जानकारी के मुताबिक प्लास्टिक ही है जो हमारे पर्यावरण में ज़हर घोल रही है. हमारे जल स्रोतों, मिट्टी और प्राकृतिक नज़ारों को तेजी के साथ दूषित करने के लिए अकेले प्लास्टिक ही जिम्मेदार है.

एक बार उपयोग वाले प्लास्टिक उत्पाद (सिंगल यूज़ प्लास्टिक प्रोडक्ट्स) जैसे कि डिस्पोजेबल स्ट्रॉ, कप और प्लेट्स, सब्जी और फल बेचने वालों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले प्लास्टिक बैग्स (पन्नी या थैली) वगैरह भारत में प्लास्टिक के सबसे हानिकारक और गैरज़रूरी रूप हैं. इन प्लास्टिक उत्पादों को रिसाइकिल (पु:उपयोग) नहीं किया जा सकता है.

एक बार इस्तेमाल करने के बाद इन प्लास्टिक उत्पादों को कूड़े में फेंक दिया जाता है. फिर फिर प्लास्टिक के उस कचरे को लैंडफिल साइट्स पर डाल दिया जाता है. इसके बाद देर-सवेर उस दूषित कचरे को किसी न किसी तरह से समुद्र तक पहुंचने का रास्ता मिल जाता है. मिट्टी को दूषित करने के बाद समुद्र में पहुंचकर प्लास्टिक का यह कचरा पर्यावरण का और भी ज़्यादा नुकसान करता है.

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